मेरठ, 3 अगस्त। श्रावण मास की कांवड़ यात्रा-2026 को सुरक्षित, सुचारु और व्यवस्थित बनाने के लिए सोमवार को मंडलायुक्त मेरठ भानुचन्द्र गोस्वामी और पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) मेरठ परिक्षेत्र कलानिधि नैथानी ने गाजियाबाद बॉर्डर निवाड़ी से लेकर मुजफ्फरनगर बॉर्डर खतौली तक गंगनहर पटरी कांवड़ मार्ग का व्यापक निरीक्षण किया।निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने जानी पुल, भोला झाल, नानू पुल, दौराला पुल और सलावा झाल सहित पूरे कांवड़ मार्ग की सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। भोला झाल स्थित पुलिस सहायता केंद्र और इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) का भी निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने मार्ग में बने कांवड़ सेवा शिविरों और मेडिकल शिविरों में पहुंचकर श्रद्धालुओं से संवाद किया तथा भोजन की गुणवत्ता, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाओं, स्वच्छता और विद्युत सुरक्षा की समीक्षा की।इस दौरान सुपर जोनल, जोनल अधिकारियों और कांवड़ ड्यूटी में तैनात पुलिसकर्मियों को सतर्कता, अनुशासन और संवेदनशीलता के साथ ड्यूटी करने के निर्देश दिए गए। महिला पुलिसकर्मियों को विशेष रूप से महिला शिवभक्तों से संवाद बनाए रखने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।अधिकारियों ने यातायात व्यवस्था, रूट डायवर्जन, बैरिकेडिंग, ड्रोन निगरानी, वॉच टावर, आईपी आधारित कैमरों, मोबाइल पेट्रोलिंग और पुलिस सहायता केंद्रों की व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया। साथ ही संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर रखने, तकनीकी उपकरणों को हर समय सक्रिय रखने और किसी भी सूचना पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।डीआईजी कलानिधि नैथानी ने कहा कि “कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, सुगम एवं व्यवस्थित ढंग से सम्पन्न कराना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रत्येक पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और त्वरित सहायता के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें।”
