मवाना क्षेत्र के हस्तिनापुर मे चेतावाली गांव में पशुपालन विभाग की सरकारी भूमि पर कथित अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे बंगाली समाज के दर्जनों महिला-पुरुष तहसील मुख्यालय पहुंचे और एसडीएम संतोष कुमार सिंह को ज्ञापन सौंपकर सरकारी जमीन को कब्जामुक्त कराने तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।*सरकारी भूमि पर कब्जे का आरोप*ग्रामीणों ने बताया कि वे विस्थापित बंगाली समाज से हैं और वर्षों से चेतावाली गांव में रह रहे हैं। उनका आरोप है कि गांव के पास स्थित पशुपालन विभाग की सरकारी भूमि पर कुछ लोगों ने अवैध कब्जा कर रखा है। इससे सरकारी संपत्ति का दुरुपयोग हो रहा है और स्थानीय लोगों को भी विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।*पहले भी कई बार की जा चुकी है शिकायत*ज्ञापन में ग्रामीणों ने कहा कि इस मामले की शिकायत पहले भी कई बार संबंधित विभागों और प्रशासनिक अधिकारियों से की जा चुकी है। बावजूद इसके न तो सरकारी जमीन को कब्जामुक्त कराया गया और न ही आरोपितों के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई हुई। इससे ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ रही है।*सीमांकन कर हटाया जाए अतिक्रमण*ग्रामीणों ने मांग की कि पशुपालन विभाग की सरकारी भूमि का सीमांकन कराया जाए और अवैध कब्जे को तत्काल हटाया जाए। उनका कहना है कि इससे सरकारी संपत्ति सुरक्षित रहेगी और भविष्य में ऐसे मामलों पर रोक लग सकेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।*एसडीएम ने निष्पक्ष जांच का दिया आश्वासन*ज्ञापन प्राप्त करने के बाद एसडीएम संतोष कुमार सिंह ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि मामले की निष्पक्ष जांच संबंधित विभागों से कराई जाएगी। यदि जांच में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा पाया जाता है तो नियमानुसार अतिक्रमण हटाकर दोषियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।*शीघ्र कार्रवाई की उठी मांग*ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई की उम्मीद जताते हुए कहा कि सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। इस दौरान बड़ी संख्या में बंगाली समाज के महिला-पुरुष मौजूद रहे और सभी ने एक स्वर में प्रशासन से न्याय दिलाने की मांग की।
