मवाना में अवैध हथियारों का जखीरा बरामद, आरोपी ने पुलिस कांस्टेबल पर लगाए गंभीर आरोप :

मवाना में अवैध हथियारों का जखीरा बरामद, आरोपी ने पुलिस कांस्टेबल पर लगाए गंभीर आरोप :

मवाना थाना क्षेत्र में पुलिस ने अवैध हथियारों की तस्करी से जुड़े एक मामले का खुलासा करते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से फैक्ट्री मेड पिस्टल, रिवॉल्वर, तमंचा और बड़ी संख्या में जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। पूछताछ के दौरान आरोपी ने उत्तर प्रदेश पुलिस के एक कांस्टेबल पर हथियारों की सप्लाई और हिस्सेदारी जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ये आरोप फिलहाल केवल आरोपी के बयान पर आधारित हैं और उनकी निष्पक्ष जांच कराई जा रही है।*मुखबिर की सूचना पर हुई कार्रवाई*पुलिस के अनुसार शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे मुखबिर से सूचना मिली कि मखदूमपुर गंग नहर पटरी पर एक युवक अवैध हथियारों के साथ मौजूद है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने घेराबंदी कर 22 वर्षीय केशु यादव को गिरफ्तार कर लिया।तलाशी के दौरान उसके कब्जे से एक फैक्ट्री मेड पिस्टल, एक 38 बोर की रिवॉल्वर, एक .315 बोर का तमंचा तथा बड़ी संख्या में जिंदा कारतूस बरामद हुए। बरामद हथियारों को कब्जे में लेकर पुलिस ने फॉरेंसिक और तकनीकी जांच शुरू कर दी है।*कांस्टेबल पर लगाए गंभीर आरोप*पूछताछ में आरोपी केशु यादव ने दावा किया कि बरामद हथियार उसके चचेरे भाई अमित यादव ने सुरक्षित रखने और बेचने के लिए दिए थे। आरोपी के अनुसार अमित यादव उत्तर प्रदेश पुलिस में कांस्टेबल है और वर्तमान में शामली जिले के कांधला थाने में माल मोहर्रिर के पद पर तैनात है।आरोपी ने यह भी आरोप लगाया कि वह अपने साथी तुषार यादव के साथ मिलकर अवैध हथियारों की सप्लाई करता था और इस कारोबार से होने वाली कमाई का हिस्सा कथित रूप से कांस्टेबल अमित यादव तक पहुंचाया जाता था।*फरार साथी की तलाश तेज*मामले में नाम सामने आने के बाद पुलिस ने फरार बताए जा रहे तुषार यादव की तलाश तेज कर दी है। उसके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।*हथियारों के नेटवर्क की होगी गहन जांच*पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि बरामद हथियार कहां से आए, इन्हें किस नेटवर्क के माध्यम से लाया गया और किन लोगों तक पहुंचाया जाना था। इसके अलावा यह भी पता लगाया जा रहा है कि कहीं इन हथियारों का संबंध किसी सरकारी मालखाने या किसी संगठित आपराधिक गिरोह से तो नहीं है।*आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं*वरिष्ठ अधिकारियों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कांस्टेबल अमित यादव के खिलाफ लगाए गए आरोप अभी केवल गिरफ्तार आरोपी के कथित बयान पर आधारित हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि साक्ष्यों, तकनीकी जांच और अन्य तथ्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में किसी पुलिसकर्मी की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ विभागीय और कानूनी दोनों प्रकार की कार्रवाई की जाएगी।

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