हापुड़। स्वर्ग आश्रम रोड स्थित चौराखी के पास लगभग 22 बीघा क्षेत्रफल वाले उस तालाब को लेकर विवाद गहरा गया है, जहां स्थानीय लोगों के अनुसार वर्षों से मृतक छोटे बच्चों को दफनाया जाता रहा है। आरोप है कि तालाब पर भूमाफियाओं ने कब्जा कर अवैध भराव कराया और अब वहां प्लॉटिंग की जा रही है। इस मामले को लेकर शहर में नाराजगी जताई जा रही है।हाल ही में हापुड़ पहुंचे प्रदेश सरकार के प्रभारी मंत्री के.पी. सिंह मलिक से पत्रकारों ने इस मामले पर सवाल किया। मंत्री ने कहा कि उन्हें इस प्रकरण की पहले जानकारी नहीं थी। उन्होंने कहा कि अब मामला उनके संज्ञान में आ गया है और इसकी अधिकारियों से विस्तृत जांच कराई जाएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि इस विषय से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी अवगत कराया जाएगा।स्थानीय लोगों का दावा है कि यह तालाब करीब 100 वर्षों से मृतक बच्चों के दफन स्थल के रूप में उपयोग होता रहा है। आरोप है कि तालाब में अवैध रूप से मिट्टी भरवाकर उसका स्वरूप बदल दिया गया और अब वहां प्लॉटिंग का कार्य शुरू हो गया है। कुछ लोगों का यह भी कहना है कि तालाब पर कब्जे के मामले में जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभागों की चुप्पी सवाल खड़े कर रही है।मामले में यह भी आरोप लगाए गए हैं कि अवैध खनन के जरिए तालाब का भराव कराया गया, जिससे तालाब संरक्षण संबंधी नियमों और न्यायालय के निर्देशों का उल्लंघन हुआ। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते निष्पक्ष जांच और कार्रवाई नहीं हुई, तो यह मुद्दा आगामी 2027 विधानसभा चुनाव में प्रमुख राजनीतिक और जनहित का विषय बन सकता है।
