मेरठ — मेरठ विकास प्राधिकरण (MDA) के अंतर्गत जॉन ए-1 रोडवेज बस स्टैंड के समक्ष, नाले के किनारे एक अवैध कमर्शियल कॉम्प्लेक्स का निर्माण सुव्यवस्थित तरीके से जारी है। स्थानीय लोगों और पैदल यात्रियों की सुरक्षा तथा नियोजित भू-उपयोग का उल्लंघन करते हुए यह निर्माण काम किसी प्रभावशाली बिल्डर द्वारा करवा रहा है, जो शहर में कई अवैध निर्माण करवा चुका है।स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कॉम्प्लेक्स न केवल अधिकृत नक्शे और स्वीकृत मानचित्र के विरुद्ध बनाया जा रहा है, बल्कि यह रोड-रैखिक व्यवस्था और नाली के पास स्थित होने के कारण बाढ़, जल जमाव और यातायात बाधा का कारण बन सकता है। पीड़ित निवासियों का आरोप है कि बिल्डर ने नजदीकी बच्चा पार्क के पास भी मानचित्र कराकर निर्माण पूरा कराया, जबकि वहाँ पार्किंग निर्माण की योग्यता नहीं थी। रोडवेज़ बस स्टैंड के पीछे आरोपों के अनुसार, बिल्डर ने स्थान पर लिफ्ट और अन्य निर्माण कार्य कराते हुए मेरठ विकास प्राधिकरण के नक्शे पास का बोर्ड भी लगा रखा हुआ है, और स्थानीय अफसरों के साथ कथित सेटिंग के चलते कार्रवाई रोक दी जा रही है। इससे पैटर्न बन गया है कि भ्रष्ट या प्रभावशाली दबाव के कारण अवैध निर्माण समय पर पूर्ण होते जा रहे हैं, जबकि अधिकारियां कार्रवाई में सुस्त दिख रही हैं।स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों का कहना है कि यदि इस अवैध कमर्शियल परिसरों को कानूनी रूप से नियमित किया जाता और राजस्व संकलन होता तो सरकार को करोड़ों रुपये का राजस्व प्राप्त हो सकता था; परन्तु वर्तमान सेटिंग के कारण राज्य सरकार की आय में गम्भीर हानि हो रही है। उन्होंने मुआवजे, नियमित निरीक्षण और त्वरित कार्रवाई की मांग की है।एक निवासी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि “यह बिल्डर खुलेआम नियमों की धज्जियाँ उड़ा रहा है और अधिकारी उसकी तरफ देखते हुए भी कार्रवाई नहीं कर रहे।” स्थानीय कुछ पदाधिकाऱीयों से प्रतिक्रिया के लिए संपर्क करने का प्रयास किया गया, परन्तु फोन/ईमेल का निर्णायक उत्तर नहीं मिला।
