मोदीपुरम स्थित भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान में आज दिनांक 21 जनवरी, 2026 को ” *समेकित कृषि प्रणालियों में वर्ष भर मशरूम उत्पादन तकनीक द्वारा उद्यमिता विकास* ” विषय पर आयोजित सात दिवसीय तकनीकी हस्तांतरण प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन किया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संस्थान के निदेशक डॉ सुनील कुमार रहे । अपने संबोधन के दौरान डॉ सुनील कुमार ने बताया कि, वर्ष भर मशरूम उत्पादन के बिजनेस में किसानों एवं युवाओं हेतु अपने ही घर पर रोजगार सृजन की अपार संभावनाएं हैं, और इस प्रौद्योगिकी पर प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले प्रशिक्षणार्थी देश के विभिन्न भागों में मशरूम उत्पादन के माध्यम से उद्यमिता विकास व रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।कार्यक्रम समन्वयक एवं एग्री बिजनेस इनक्यूबेशन सेंटर के प्रभारी वैज्ञानिक डॉ राजेंद्र प्रसाद मिश्र ने संस्थान के “एग्री बिजनेस इनक्यूबेशन सेंटर” परियोजना के माध्यम से क्षेत्र में युवाओं को मशरूम उत्पादन, जैविक खेती एवं अन्य तकनीकों के माध्यम से व्यवसायी बनाने एवं रोजगार सृजन के बारे में दी जा रही विभिन्न प्रकार की तकनीकी मदद के बारे में विस्तार से बताया ।मुख्य मशरूम वैज्ञानिक एवं पाठ्यक्रम निदेशक डॉ चंद्रभानु ने इस सात दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की उपलब्धियों पर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की । उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षणार्थियों को क्षेत्र में वर्ष भर मशरूम उत्पादन तकनीकी, बटन मशरूम, ढींगरी मशरूम, दूधिया मशरूम व अन्य औषधीय मशरूम की खेती के बारे में व्याख्यान व प्रयोग करवाए गए। इनके अतिरिक्त मशरूम की खाद बनाने, व्यवसायिक बीज उत्पादन, मशरूम के मूल्य वर्धन, पैकिंग व मार्केटिंग से संबंधित व्याख्यान व प्रयोग भी करवाए गए ।दिनांक 20 जनवरी 2026 को सभी प्रशिक्षणार्थियों को हरियाणा के मुरथल स्थित क्षेत्रीय मशरूम फार्म का भ्रमण भी करवाया गया जहां पर सभी ने मशरूम को व्यावसायिक स्तर पर उत्पादन करने की तकनीकी की प्रयोग जानकारी ली।इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों के कुल 37 प्रशिक्षणार्थियों ने भाग लिया।कार्यक्रम का संचालन वैज्ञानिक एवं पाठ्यक्रम समन्वयक डॉ निशा वर्मा ने किया। वैज्ञानिक डॉ कमलेश कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन दिया। डॉ सुनील कुमार, वरिष्ठ वैज्ञानिक ; श्री शिवम कुमार राठी; श्री शिवम सिवाच वह कु. प्रगति पांडे का विशेष सहयोग रहा।
