कही आप बासी सब्जी तो नहीं खा रहे* मेरठ। अगर आप भी जोमैटो, स्विगी या टिफिन सर्विस से रोजाना खाना मंगवाते हैं, तो ज़रा संभल जाइए! शहर में बड़ी संख्या में ऐसे लोग और संस्थान हैं जो बिना फूड लाइसेंस के खाना बनाकर बेच रहे हैं। खाद्य सुरक्षा मानकों के तहत यह पूरी तरह गैर-कानूनी है।फूड एंड सेफ्टी एक्ट के अनुसार, खाने का सामान बनाने, भंडारण करने, सप्लाई और परिवहन करने वालों के लिए लाइसेंस या पंजीकरण अनिवार्य है। लेकिन मेरठ शहर में इस नियम का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है। खासकर जोमैटो, स्विगी और घरों से चलने वाली टिफिन सेवाएं इस नियम को नजरअंदाज कर रही हैं। *घर-घर से चल रही टिफिन सर्विस, बिना लाइसेंस के कारोबार* भागदौड़ भरी जिंदगी में आजकल अधिकतर परिवारों में पति-पत्नी दोनों नौकरी करते हैं। ऐसे में लोग ऑनलाइन प्लेटफॉर्म या टिफिन वालों पर निर्भर हो गए हैं। लेकिन जांच करने पर सामने आया कि इनमें से अधिकांश के पास फूड लाइसेंस नहीं है।खाने का सामान पहुंचाने वाले कई कर्मचारियों के पास भी कोई पंजीकरण नहीं होता। यह स्थिति न केवल उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है, बल्कि कानून के भी खिलाफ है। *क्या कहता है फूड एक्ट* फूड एक्ट में साफ प्रावधान है कि कोई भी व्यक्ति जो खाद्य पदार्थों का निर्माण, भंडारण, वितरण या बिक्री करता है, उसे भारत सरकार से लाइसेंस या पंजीकरण कराना अनिवार्य है।यह लाइसेंस इस बात का प्रमाण होता है कि वह संस्था या व्यक्ति खाद्य सुरक्षा के सभी मानकों का पालन कर रहा है। *जुर्माना और सजा का प्रावधान* बिना लाइसेंस के फूड कारोबार करने वालों पर भारी जुर्माना, मुकदमा और यहां तक कि जेल तक की सजा हो सकती है। बावजूद इसके, शहर में कई लोग बिना डर के यह कारोबार कर रहे हैं। *फूड सेफ्टी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही मेरठ में ऐसी इकाइयों पर जांच अभियान चलाया जाएगा।* *ग्राहकों से अपील* खाद्य सुरक्षा विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे खाना ऑर्डर करने से पहले यह सुनिश्चित करें कि सप्लायर या रेस्टोरेंट के पास वैध FSSAI लाइसेंस नंबर मौजूद है। यह नंबर खाने के पैकेट या ऑनलाइन ऐप पर दिखाई देना अनिवार्य है।
