आज महिला जागृति फाउंडेशन की संस्थापक गीता पैट्रिक ने सीडीओ मैडम से मुलाकात कर ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से बातचीत की। मुलाकात के दौरान ग्रामीण इलाकों में रहने वाले जरूरतमंद लोगों की समस्याएं, सरकारी योजनाओं की जानकारी का अभाव, और अधिकारों तक पहुंच जैसी चुनौतियों को प्रमुखता से रखा गया।फाउंडेशन ने बताया कि उसका उद्देश्य समाज के उन लोगों की आवाज बनना है, जिनकी समस्याएं कई बार प्रशासन तक सही तरीके से नहीं पहुंच पातीं। संस्था का मानना है कि जब तक गांव में रहने वाला अंतिम व्यक्ति विकास की मुख्यधारा से नहीं जुड़ेगा, तब तक विकास अधूरा माना जाएगा।गीता पैट्रिक ने कहा कि महिला जागृति फाउंडेशन नियमों के दायरे में रहकर जरूरतमंदों की समस्याओं को उचित अधिकारियों तक पहुंचाने का कार्य करता रहेगा। उन्होंने CDO मैडम का आभार जताते हुए कहा कि उन्होंने ग्रामीण मुद्दों को गंभीरता से सुना और चर्चा के लिए समय दिया।संस्था ने यह भी अपील की कि जो लोग अपनी समस्याओं से परेशान हैं, वे उन्हें सही तरीके से संबंधित विभाग और प्रशासन तक पहुंचाएं। महिला जागृति फाउंडेशन ने आश्वासन दिया कि जहां संभव होगा, वहां वह सहयोग और समर्थन देता रहेगा।— गीता पैट्रिक, संस्थापक, महिला जागृति फाउंडेशन �प्रकाशित शीर्षक विकल्पमहिला जागृति फाउंडेशन ने CDO से की मुलाकात, ग्रामीण समस्याओं पर हुई विस्तार से चर्चाग्रामीणों की आवाज लेकर CDO के पास पहुंचा महिला जागृति फाउंडेशनगीता पैट्रिक ने CDO मैडम से रखी ग्रामीण क्षेत्रों की प्रमुख समस्याएंमहिला जागृति फाउंडेशन की पहल, ग्रामीण जरूरतमंदों के मुद्दों पर हुई सार्थक बातचीत
