मेरठ। न्यायालय अपर जिला जज स्पेशल कोर्ट भ्रष्टाचार निवारण ने जबरन एक व्यक्ति को उठाकर फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर छह लाख रुपये की अवैध वसूली कर पीड़ित को छोड़े जाने के आरोपी तत्कालीन थाना प्रभारी निरीक्षक सिकंद्राबाद नीरज मलिक को जेल भेज दिया। घटना लगभग साढ़े तीन माह पहले घटी थी।
अभियोजन पक्ष ने न्यायालय को अवगत कराया कि 30 अप्रैल 2026 को मोहल्ला रिसाल दारायान थाना सिकंद्राबाद बुलंदशहर के रहने वाले सलमान ने डीआईजी मेरठ को शिकायती प्रार्थना पत्र दिया था कि उसे रात्रि करीब 8.30 बजे गुलावटी टोल प्लाजा पर पुलिस ने उठाया और थाना सिकंद्राबाद ले गए। पूछने पर उठाने का कारण नहीं बताया बल्कि घर से 20 लाख रुपये मंगाकर देने के लिए, न देने पर एनडीपीएस एक्ट सहित अन्य मामलों में फंसाकर पैर में गोली मारने की धमकी दी और उसके साथ मार-पिटाई व गाली-गलौज की। अत्यधिक पिटाई होने के चलते उसने अपने घर से छह लाख रुपये मंगाए, जिस पर सुबह 3 बजे थाने से छोड़ दिया। छोड़े समय धमकी दी कि यदि इस बारे में किसी को बताया तो जिंदा नहीं बचेगा
29 लाख हड़पने के आरोपी जेल भेजे
मेरठ। अपर जिला जज स्पेशल कोर्ट भ्रष्टाचार निवारण ने जीएसटी के मामले में जेल भेजने और फर्जी मुकदमों में फंसाने का भय दिखाकर 29 लाख रुपये हड़पने के आरोप में तीन आरोपियों कशिश, राजेश और विवेक को जेल भेज दिया। घटना थाना बिसरख नोएडा जिला गौतमबुद्धनगर की है। अभियोजन पक्ष ने बताया कि संदीप कुमार ने प्राथमिकी में बताया कि उनका ऑफिस ग्रेटर नोएडा में ऐस एस्पायर बिल्डिंग में स्थित है। वह 20 जुलाई को गाड़ी से एटीएस चौक से होते हुए ऑफिस जा रहे थे। रास्ते में एक सफेद रंग की कार ने रोका और उसमें से तीन लोग उतरे। उन्होंने बताया कि तुम्हारे खिलाफ कम्पलेन है। तीनों उसे गाड़ी में एक्सप्रेसवे पर ले गए और लखनऊ ले जाने के लिए कहने लगे। इन तीनों ने पीड़ित को डराते हुए धमकाया और मुकदमों से बचाने के लिए 50 लाख रुपये की मांग की। जिस पर उसने 29 लाख रुपये अपने भाई से मंगाकर इन लोगों को दे दिए। इन लोगों ने जाते-जाते जान से मारने की धमकी दी।
