मेरठ में तैनात हवलदार ने सालों तक की बेरहमी से शोषण, पीड़िता ने मंदिर में हुई फरेबनुमा शादी के वीडियो समेत लगाए गंभीर आरोप” मुकदमा दर्ज काली नदी चौकी आरोपी को बचाने में लगा 164 के बयान को लेकर लगातार टरका रहा आरोपी हाईकोर्ट तक पहुंचा रेप को आरोपी को काली नदी चौकी इंचार्ज अभिषेक प्रताप का खुला संरक्षण काली नदी चौकी बनी परचून की दुकान @ssp dig@adg@sp@dmmeerut मामले पर ले संज्ञान।:मेरठ/भावनपुर थाना क्षेत्र की—रेप पीड़िता एक युवती ने सचिन कुमार पुत्र ओमप्रकाश (निवासी असदपुर करन्जाली, देवबन्द, सहारनपुर) पर लंबे समय से जबरदस्ती अवैध संबंध बनाने, शारीरिक मारपीट और शादी का झांसा देकर शोषण करने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि सचिन वर्तमान में 44 वाहिनी पीएसी मेरठ में हवलदार के पद पर तैनात है।पीड़िता के आरोप के मुताबिक, सचिन ने उसे अपने किराये के मकान में रखा था जहाँ सचिन के परिवार के सदस्य — मां, भाई तथा अन्य घर वाले — भी आते थे और वे उसकी शादी के बारे में जानते थे। जब पीड़िता ने शादी का दबाव बनाया तो आरोपी ने मना कर दिया और अपनी सेवाओं तथा पद का डर दिखाकर उसे दमन में रखा। पीड़िता ने बताया कि सचिन ने अपने गांव के मंदिर में उसके साथ फरेबनुमा विवाह किया, जिसकी प्रमाण के रूप में उसके पास शादी के फोटो और सिन्दूर भरते हुए की वीडियो मौजूद है।पीड़िता ने आगे कहा कि जब भी वह गर्भवती हुई तो सचिन बार-बार गर्भपतन कराता रहा। जब उसने सचिन और उनके घर वालों से सार्वजनिक व कानूनी कार्रवाई की मांग की तो परिवार के लोगों ने उसकी बात नहीं सुनी और बाद में फोन पर पुलिस से संपर्क कर धमकी देने लगे। उन्होंने पीड़िता के फोन भी ब्लॉक कर दिए।कठोर आरोपों के अनुसार, पीड़िता ने देवबन्द की काली नदी चौकी में शिकायत दर्ज कराई, परन्तु अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई और चौकी इंचार्ज पर मामले को दबाने का आरोप लगाया जा रहा है। पीड़िता ने बताया कि उसने 164 का बयान भी दर्ज कराना चाहा, परन्तु मामले में ठोस कदम नहीं उठाए गए। पीड़िता ने स्थानीय प्रशासन से सुरक्षा और निष्पक्ष जांच की मांग की है।सरकार/पुलिस प्रतिक्रिया:अब तक मामले में 44 वाहिनी पीएसी मेरठ या देवबन्द थाना की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं हुई है। पीड़िता का आरोप है कि चौकी इंचार्ज अभिषेक प्रताप मामले को दबा रहे हैं। “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” के नारे वाली सरकारी पहल के नाम पर भी कार्रवाई न होने का रोष व्यक्त किया गया है।कानूनी पहल और मांगें:➡️पीड़िता ने निष्पक्ष और त्वरित जांच, आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई व सुरक्षा की मांग की है।➡️पीड़िता के पास मौजूद वीडियो और फोटोग्राफिक प्रमाण और 164 जैसे बयान कानूनी प्रक्रिया में अहम हो सकते हैं।➡️पीड़िता ने स्थानीय पुलिस, जिलाधिकारी तथा महिला आयोग से हस्तक्षेप की अपेक्षा व्यक्त की है।
