शनिवार मवाना क्षेत्र के मवाना खुर्द के किसानों को इन दिनों बेसहारा गोवंश की समस्या से भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। खेतों में झुंड के रूप में घूम रहे आवारा पशु हरी-भरी फसलों को चट कर रहे हैं l जिससे किसानों की मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है।शनिवार को मवाना खुर्द के खेतों में दर्जनों बेसहारा गोवंश खुलेआम फसल चरते हुए दिखाई दिए। किसानों के अनुसार, इस समय खेतों में खड़ी चारा और अन्य हरी फसलें सबसे अधिक प्रभावित हो रही हैं। किसान दिन-रात खेतों की रखवाली करने के बावजूद अपनी फसलों को बचाने में असहाय महसूस कर रहे हैं।ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में आवारा पशुओं की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। जैसे ही किसान थोड़ी देर के लिए खेतों से हटते हैं, गोवंश झुंड बनाकर खेतों में घुस जाते हैं और कुछ ही समय में बड़ी मात्रा में फसल को नुकसान पहुंचा देते हैं। इससे किसानों को भारी आर्थिक क्षति का सामना करना पड़ रहा है।किसानों ने बताया कि सरकार द्वारा गोवंश संरक्षण और गौशालाओं के संचालन के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर बड़ी संख्या में बेसहारा पशु आज भी सड़कों और खेतों में खुलेआम घूम रहे हैं। उनका आरोप है कि संबंधित विभाग और स्थानीय प्रशासन इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए पर्याप्त प्रयास नहीं कर रहा है।ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि आवारा गोवंश को तत्काल पकड़कर निकटवर्ती गौशालाओं में भेजा जाए, ताकि किसानों की फसलें सुरक्षित रह सकें और उन्हें हो रहे आर्थिक नुकसान से राहत मिल सके। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए तो फसलों का नुकसान और बढ़ेगा, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
