*मवाना संवाददाता* आज बृहस्पतिवार मवाना नगर के फलावदा रोड स्थित कृषक इण्टर कालिज में कक्षा 9 से कक्षा 12 तक के छात्र छात्राओं हेतु व्यक्तित्व विकास कार्यशाला का आयोजन किया गया।कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्रधानाचार्य देवेन्द्र कुमार व संचालन डॉ• सुशील कुमार ने किया।प्रधानाचार्य देवेन्द्र कुमार ने अपने सम्बोधन में कहा कि व्यक्तित्व विकास एक सतत प्रक्रिया है जिसमें व्यक्ति अपने विचारों, व्यवहारों, संचार कौशल और दृष्टिकोणों को निखारता है, ताकि वह अधिक आत्मविश्वासी, प्रभावी और सामाजिक रूप से अनुकूलनीय बन सके, यह आत्म-जागरूकता, भावनात्मक नियंत्रण और अनुकूलनशीलता जैसे गुणों को विकसित करके व्यक्तिगत और व्यावसायिक जीवन में सफलता पाने में मदद करता है, जिसमें ज्ञान और अनुभव से सीखना महत्वपूर्ण है। यह खुद को बेहतर बनाने की प्रक्रिया है, जिसमें आपकी मानसिकता, व्यवहार और बातचीत को तराशा जाता है ताकि आपका सर्वश्रेष्ठ रूप सामने आए। यह केवल बाहरी दिखावे से नहीं, बल्कि आंतरिक गुणों (जैसे आत्मविश्वास, सकारात्मक दृष्टिकोण) को विकसित करने से जुड़ा है। यह आत्म-खोज और आत्म-सुधार की यात्रा है, जो व्यक्तिगत क्षमता को उजागर करती है। व्यक्तित्व विकास के प्रमुख पहलू आत्म-जागरूकता, संचार कौशल, भावनात्मक नियंत्रण, अनुकूलनशीलता, आत्मविश्वास, सकारात्मक दृष्टिकोण आदि हैं। यह व्यक्ति को अपनी पूरी क्षमता का एहसास करने और सार्थक लक्ष्य निर्धारित करने में मदद करता है।लगातार प्रयास और अभ्यास से व्यक्तित्व निखरता है।नोडल अधिकारी डॉक्टर सुशील कुमार शर्मा ने भी अपने विचार व्यक्त किये व छात्र छात्राओं के प्रश्नों के उत्तर दे कर उनकी जिज्ञाशा को शान्त किया।इस अवसर पर विनोद कुमार, अमित गुप्ता, शिवम त्यागी, डॉक्टर केशव कुमार, श्रीमती आस्था एवं हजारों छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।
