रिपोर्ट राजेश मार्टिन।
मेरठ ।में एक तरफ जिलाधिकारी और एसएसपी रेन बसेरों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं के दावे कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ जमीनी हकीकत इन दावों को आईना दिखा रही है। भावनपुर क्षेत्र में ठंड से एक व्यक्ति की मौत ने प्रशासनिक तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।भावनपुर थाना क्षेत्र में देर रात एक व्यक्ति की कड़ाके की ठंड के कारण मौत हो गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि ठंड में वह व्यक्ति पूरी रात तड़पता रहा, लेकिन समय पर कोई मदद नहीं पहुंची।यह घटना ऐसे वक्त सामने आई है, जब जिला प्रशासन द्वारा रेन बसेरों के निरीक्षण किए जा रहे हैं और ठंड से बचाव के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं।स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि कागजों और तस्वीरों में व्यवस्थाएं पूरी दिखाई जाती हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर गरीब और जरूरतमंद ठंड से बचाव के इंतजामों से वंचित हैं। निरीक्षण, वीडियो और सोशल मीडिया प्रचार तक सीमित व्यवस्थाओं और हकीकत के बीच जमीन-आसमान का फर्क साफ नजर आ रहा है।स्थानीय लोगों का कहना है कि अधिकारियों को सिर्फ फोटो और वीडियो बनवाकर सोशल मीडिया पर प्रचार करने में रुचि है, जबकि ठंड से बचाव की वास्तविक मदद जरूरतमंदों तक नहीं पहुंच पा रही।भावनपुर में हुई इस मौत ने प्रशासनिक दावों की पोल खोल दी है। अब सवाल यह है कि क्या ठंड से बचाव की योजनाएं केवल दिखावे तक सीमित रहेंगी, या फिर जमीनी स्तर पर गरीबों की जान बचाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे?
