अमित कम्बोज संवाददाता मवाना* आज सोमवार मवाना कस्बे के मुबारिकपुर रोड़ पर मन्नत हॉस्पिटल की संचालिका डॉक्टर पारुल चौधरी ने थाना मवाना में तहरीर सौंपते हुए पुलिस को बताया कि नर्सिंग होम पर 20 जून को एक मरीज पूनम पत्नि जगत सिंह ग्राम देदूपुर थाना मवाना समय 1:30 बजे आई जिसको गर्भ के कारण काफी दर्द हो रहा था। मैंने उसकी हालत देखते हुये उसको अस्पताल में भर्ती किया और उसके बाद उसकी दवाई शुरू कराई दर्द ज्यादा होने के कारण उसकी डिलीवरी 20 जून को ही 10:30 बजे रात्रि में नार्मल करा दी गई जो पैदा हुआ यह कमजोर होने के कारण उसका वजन भी कम था उसको सांस लेने में दिक्कत हो रही उसकी हालत देखते हुये मैंने मरीज के परिजन को बच्चे को किसी बच्चों के हॉस्पिटल में भर्ती करा दो तो इस पर मरीज के पति बोले कि मेरे पास पैसे नहीं है। परन्तु बच्चे की हालत को देखते हुये मैंने तुरन्त बच्चे को 10-45 बजे सूर्य हॉस्पिटल मेरठ के लिए रैफर कर दिया बच्चे के साथ जगत सिंह अपनी पत्नि को भी हॉस्पिटल से ले गया। बच्चे को जगत सिंह ने 11:30 रात्रि भर्ती करा दिया डॉक्टर द्वारा बच्चे का ट्रीटमेन्ट शुरू कर दिया लेकिन जगत सिंह अपने बच्चों को 21 जून को ही हॉस्पिटल से निकाल लिया । और पैसे न होने के कारण वह डिलीवरी के मात्र 9500/- रूपये ही देकर गया। उसके बाद मुझे न तो मरीज पूनम के बारे में पता और न ही बच्चे के बारे में कोई खबर मिली। परन्तु बच्चे के पिता सूर्या हॉस्पिटल में अपनी जिम्मेदारी पर बच्चे को अगले दिन वापस लेकर आ गये मरीज पूनम को काला पीलिया भी था उसकी भी ठीक से देखभाल नहीं हो पाई। उसके बाद दो जुलाई को मेरे नर्सिंग होम पर पूनम का पति जगत सिंह आया और आते ही प्रार्थनी को धमकी देने लगा कि या तो मुझे 3 लाख रूपये दे दो वरना मैं तुम्हें व तुम्हारे हॉस्पिटल के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कराकर तुम्हें बदनाम कर दूंगा। डीलिवरी को करीब 15 दिन हो गये यदि बच्या तभी मरा हुआ पैसा हुआ (जैसा कि उसने अपनी शिकायत में दर्ज की है) तो 15 दिन बाद वह अपनी शिकायत किस आधार पर दर्ज करा रहा है ऐसा लग रहा है कि जगत सिंह अवैध धन वसूलने के कारण प्रार्थनी के खिलाफ झूठे प्रार्थना पत्र दे रहा है और मेरे क्लिनिक को बदनाम कर रहा है। पुलिस ने तहरीर लेने के बाद डॉक्टर को जांच कर कार्यवाही का आश्वासन दिया है।
