अमित कम्बोज संवाददाता मवाना।
गुरुवार मवाना नगर के मेरठ रोड स्थित विद्युत विभाग में विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के तत्वावधान में गुरुवार को नगर क्षेत्र के सैकड़ो बिजली कर्मचारियों ने नियामक आयोग पर प्रदर्शन कर अपना विरोध दर्ज किया। संघर्ष समिति ने आरोप लगाया है कि निजी घरानों के दबाव में निजीकरण के आर एफ पी डॉक्यूमेंट पर विद्युत नियामक आयोग से अभिमत लेने की तैयारी है जिससे बिजली कर्मियों में भारी गुस्सा व्याप्त हो गया है। उधर बिजली कर्मियों के उत्पीड़न की दृष्टि से किए गए बड़े पैमाने पर ट्रांसफर एवं लेनदेन की बात वायरल होने के विरोध में वाराणसी में बिजली कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन सत्याग्रह शुरू कर दिया विद्युत कर्मचारी संयुक्त संगठन समिति के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया है कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के आर एफ पी डॉक्यूमेंट पर विद्युत नियामक आयोग को तत्काल अभिमत देने के लिए निजी घरानों और पावर कारपोरेशन प्रबन्धन दबाव डाला जा रहा है। संघर्ष समिति ने कहा कि संभावना बताई जा रही है कि निजी घरानों के दबाव में विद्युत नियामक आयोग किसी भी समय अपना अभिमत पॉवर कार्पोरेशन प्रबंधन को दे सकता है। इसके विरोध में आज सैकड़ो बिजली कर्मचारियों ने विद्युत नियामक आयोग के कार्यालय के मुख्य द्वार पर मौन प्रदर्शन किया। बिजली कर्मी अपने हाथ में तख्तियां लिए हुए थे जिसमें लिखा था कि “कारपोरेट के दबाव में निजीकरण स्वीकार्य नहीं स्वीकार्य नहीं। संघर्ष समिति ने कहा के कारपोरेशन के अध्यक्ष निदेशक वित्त निधि नारंग के साथ मिलकर अधिकारियों पर गलत संस्तुति पर हस्ताक्षर करने के लिए दबाव डलवा रहे हैं। यह जानकारी मिली है इसी दबाव के चलते पावर कारपोरेशन के डायरेक्टर फंड सचिन गोयल ने त्यागपत्र दे दिया है। संघर्ष समिति ने कहा कि 22 जून को लखनऊ में होने वाली बिजली महापंचायत में निजीकरण से उपभोक्ताओं को और किसानों को होने वाले नुकसान की तो चर्चा होगी ही साथ ही निजीकरण के पीछे होने वाले मेगा घोटाले का भी पर्दाफाश किया जाएगा। उधर पावर कार्पोरेशन प्रबंधन द्वारा बिजली कर्मियों के उत्पीड़न की दृष्टि से बड़े पैमाने पर हजारों की संख्या में किए गए स्थानांतरण आदेशों के विरोध में आज प्रदेश भर में बिजली कर्मचारियों का गुस्सा फूट पड़ा। इस दौरान सी पी सिंह (सेवानिवृत), इं कृष्णा साराश्वत, इं निखिल कुमार, इं अलोक त्रिपाठी, गुरुदेव सिंह, रविंद्र कुमार, प्रेम पाल सिंह, अश्वनी कुमार, कपिल देव गौतम, जितेन्द्र कुमार आदि उपस्थित रहे।
