आवासीय मकान बताने वाले निर्माण पर आवास विकास के भ्रष्ट अधिकारी द्वारा किया गया नोटिस चस्पा :

आवासीय मकान बताने वाले निर्माण पर आवास विकास के भ्रष्ट अधिकारी द्वारा किया गया नोटिस चस्पा :

रिपोर्ट लोकेश कुमार।

आवासीय मकान बताने वाले निर्माण पर आवास विकास अधिकारी द्वारा किया गया नोटिस चस्पा: मेरठ! शास्त्री नगर के मकान नंबर 649/6 में आवासीय क्षेत्र में एक अवैध निर्माण की जानकारी सामने आई जिसके बाद जब दैनिक यूरेशिया समाचार पत्र में यह खबर प्रकाशित हुई, तो आवास विकास अधिकारी हरकत में आ गए और जिस निर्माण को कल तक आवासीय बता रहे थे!आनन-फानन में उस निर्माण स्थल पर नोटिस चस्पा कर दिया गया।
( प्रशासनिक कार्यवाही पर सवाल ) हालांकि नोटिस चस्पा करना एक प्रारंभिक कार्रवाई है, लेकिन यह सवाल बना हुआ है कि क्या यह सिर्फ ‘नोटिस चस्पा करके खानापूर्ति’ है या वास्तव में प्रशासन इस अवैध निर्माण को सील या ध्वस्त करेगा?

संभावनाएं और शंकाएं:

यदि निर्माण कार्य जारी रहता है, तो यह स्पष्ट संकेत होगा कि निर्माणकर्ता और प्रशासन के कुछ अधिकारियों के बीच मिलीभगत है।
यदि भवन पूरा बन गया तो यह प्रशासन की विफलता और कानून की खुलेआम अवहेलना का प्रतीक होगा।
स्थानीय लोगों में यह चिंता भी है कि क्या यही ढर्रा चलता रहेगा—“नोटिस लगाओ, आँख मूंदो, और निर्माण पूरा होने दो”।
क्या होनी चाहिए कार्रवाई? ( 1 ) . सीलिंग : यदि निर्माण नियमों के विरुद्ध है, तो मौके पर जाकर तुरंत भवन को सील किया जाना चाहिए। ( 2.) ध्वस्तीकरण: यदि अवैध निर्माण पूर्ण या अर्धनिर्मित अवस्था में है, तो नियमानुसार उसे गिराया जाना चाहिए। ( 3.) दोषियों पर मुकदमा: केवल बिल्डर ही नहीं, बल्कि संबंधित अधिकारियों पर भी जवाबदेही तय होनी चाहिए जिन्होंने समय पर रोक नहीं लगाई।
निष्कर्ष: यह मामला न केवल शास्त्री नगर के लिए, बल्कि पूरे शहर के लिए उदाहरण बन सकता है कि प्रशासन अवैध निर्माण के प्रति कितना सख्त है। यदि केवल नोटिस चस्पा कर अधिकारी अपनी जिम्मेदारी पूरी मानते हैं, तो आने वाले समय में और भी लोग कानून का उल्लंघन कर निर्माण करेंगे। जनता को इस पर नजर बनाए रखनी चाहिए और मीडिया को भी इसकी सतत निगरानी करनी चाहिए। ( एक दो नहीं आधा दर्जन से ज्यादा अवैध निर्माण शास्त्री नगर मे: ) अगर बात की जाये शास्त्री नगर की तो एक तरफ सेन्ट्रल मार्किट का मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुँच चूका हैँ! जो टूटेगा या बचेगा इसे लेकर अभी सब असमंजस मे हैँ! वही सिर्फ सेक्टर 6 मे ही आधा दर्जन से ज्यादा व सेक्टर एक,दो,व छ मे करीब दर्जनो निर्माण बन रहे हैँ! जिसपर सिर्फ खाना पूर्ति कार्यवाही दिखावे को की जा रही हैँ! आज इन निर्माण पर सिर्फ नोटिस चस्पा कर खाना पूर्ति की जा रही हैँ कही कुछ सालो बाद इनका हाल भी सेन्ट्रल मार्किट की तरह न हो जाये!

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