राष्ट्रिय हिन्दू संघर्ष समिति के संगठन कार्यकर्ता द्वाराअवैध बस्तियों को हटाने और उनके वासियों की नागरिकता की गहन जाँच के लिए मवाना तहसीलदार को सोपा ज्ञापन :

राष्ट्रिय हिन्दू संघर्ष समिति के संगठन कार्यकर्ता द्वाराअवैध बस्तियों को हटाने और उनके वासियों की नागरिकता की गहन जाँच के लिए मवाना तहसीलदार को सोपा ज्ञापन :

अमित कम्बोज संवाददाता मवानाआज गुरुवार मवाना नगर के तहसील परिसर में राष्ट्रिय हिन्दू संघर्ष समिति के मेरठ जिलाध्यक्ष ज्ञानेन्द्र अग्रवाल जी ने संगठन कार्यकर्ता व समाज के गणमान्य लोगो के साथ मवाना तहसीलदार को ज्ञापन सोपते हुए मांग उठाई कि मवाना नगर मे बसी हुई अवैध बस्तियों को हटाने और उनके वासियों की नागरिकता की गहनता जाँच की जाये। जिलाध्यक्ष ज्ञानेन्द्र अग्रवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि मवाना शुगर मिल बाइपास पर आटोरा मार्ग और BSNL एक्सचेंज के निकट कुछ लोगो के निजी प्लॉट मे तीन से चार अवैध झुग्गी बस्तियाँ बसी हुईं हैं। जिनमे बहुत ही कम स्थान मे बहुत से परिवार रहते हैं। इन बस्तियों मे रह रहे अधिकतर लोग मजदूरी या कूड़ा बीनने का काम करते हैं लेकिन ये लोग बहुत सी संदिग्ध और आपराधिक गतिविधियों मे भी संलिप्त रहते हैं। इन बस्तियों मे अवैध घुसपैठिए होने का संदेह मवाना के सभी लोगो को है। इन बस्तियों के लोगो की संलिप्तता कई प्रकार की अवैध गतिविधियों मे उजागर होती रही है। ये बस्तियाँ कुछ निजी प्लोट्स मे उन प्लॉट स्वामियों के द्वारा कैसे बसा दी गयी ये घोर प्रशासनिक लापरवाही को इंगित करता है। इस मामले मे उन प्लॉट स्वामियों की भूमिका की गहनता से जांच होनी चाहिए। इन बस्तियों मे सभी झुग्गियों मे बिजली की सुविधा कैसे और कहाँ से दी जा रही है? इसकी जाँच भी होनी चाहिए। इन बस्तियों अत्यंत असुरक्षित तरह से बसाया गया है। इन बस्तियों मे बहुत अधिक गंदगी रहती है और सारी झुग्गियाँ अत्यंत ज्वलनशील पदार्थो से बहुत ही सघन तरह से बसाई हुई हैं। अत: इन बस्तियों को इन जगहो से हटाया जाना अत्यंत आवश्यक है। इन बस्ती वासियों का रहन-सहन और उनकी भाषा शैली संदेह उत्पन्न करती है कि ये लोग अवैध घुसपैठिए भी हो सकते हैं। जिस कारण नगर वासी इन लोगो की पहचान को लेकर संदेह मे रहते हैं। ये सभी बस्तियाँ पिछले 5 से 6 वर्ष के दौरान ही बसी हैं। प्रशासन को तुरंत इन लोगो की नागरिकता की जाँच करके ये स्पष्ट करना चाहिए कि क्या इन बस्तियों मे कोई अवैध घुसपैठिया तो नहीं है। यदि किसी अवैध घुसपैठिये की उपस्थिती इन बस्तियों मे मिलती है तो ये राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए चिंता का विषय है। इनको यहाँ किसी प्रकार बसाया गया और किन लोगो की इसमे भूमिका है इसकी भी गहनता से जाँच करके उन्हे दंडित करने का आग्रह तहसीलदार महोदय से जिलाध्यक्ष ज्ञानेन्द्र अग्रवाल ने किया। जिन निजी सम्पत्तियों मे ये अवैध बस्तियाँ बसी हुई हैं उन सम्पत्तियों की और उनके स्वामियों की इस मामले मे भूमिका की जाँच की मांग भी राखी गयी। ज्ञापन देने वालो मे जिलाध्यक्ष ज्ञानेन्द्र अग्रवाल के नेतृत्व मे जिला उपाध्यक्ष राजेश शर्मा, युवा जिलाध्यक्ष संजीव ठाकुर, नगर अध्यक्ष विकास गोयल, रजनीश कुमार रोहल, एड॰ रवि कुमार रस्तोगी, प्रवीण कुमार जैन, विनोद कुमार गुप्ता, हरिओम शर्मा, एड॰ शुभम जैन, संदीप खटीक, मोहित रस्तोगी, अभय दुबलिश, राहुल रस्तोगी, विपुल रस्तोगी, अंकुर सैनी, सुधीर वाल्मीकि, अर्पित जैन, निशु सैनी, अजय रस्तोगी, विपिन खटीक व सतीश भारद्वाज इत्यादि उपस्थित रहे।

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