रिपोर्ट लोकेश कुमार।
मेले के निमंत्रण पत्र मे मेयऱ का नाम नहीं, आने से पहले ही कर दिया मेले का उद्घाटन: मेरठ, । रविवार को परंपरा के अनुसार नौचंदी मेले का उद्घाटन तो हो गया, लेकिन उद्घाटन के साथ विवाद भी हो गया। एडीजी ध्रुवकांत ठाकुर, डीएम डॉ. वीके सिंह ने परंपरा के तहत फीता काटकर और कबूतर उड़ाकर मेले का उद्घाटन कर दिया। मेयर ज़ब पहुंचे, ज़ब तक कबूतर उड़ा दिए गए। नाराज मेयर का कहना है यह शहर की जनता का अपमान है। राज्यसभा सांसद डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने भी नाराजगी जताई है। मेयर को भी उद्घाटन के लिए सूचना दी गई थी। जब तक मेयर हरिकांत
अहलूवालिया वहां पहुंचे उद्घाटन हो चुका था। शांति का प्रतीक कबूतर उड़ा दिए गए थे। मेयर के बिना अधिकारियों ने मेले का उद्घाटन कर दिया था । मेयर
गुस्से में आ गए। बोले, 10 मिनट तो इंतजार तो कर सकते थे अधिकारी । हम जाम में फंस गए थे। मेयर बोले- अधिकारी लेट हो जाते तो क्या मैं नहीं इंतजार नहीं करता। यह स्थिति ठीक नहीं
है। इसके बाद अन्य भाजपा नेता भी गुस्से में आ गए। पार्षद दिग्विजय चौहान, उत्तम सैनी, दीपक वर्मा, पवन चौधरी ने कहा कि यह शहर का अपमान है। पहले तो नौचंदी मेले के कार्ड से मेयर का नाम गायब कर दिया
गया। इस बात को लेकर भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और राज्यसभा सांसद डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी भी बेहद नाराज हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारियों
ने नगर प्रमुख का इंतजार क्यों नहीं किया। मेले की परंपरा में नगर प्रमुख की उपस्थिति होनी चाहिए थी। नगर निगम इस बार मेला लगा रहा है। उस हिसाब से भी नगर प्रमुख को उद्घाटन में शामिल होना चाहिए था। यह गलती माफी के लायक नहीं है
( अधिकारियों की मनमानी ) मेयर हरिकांत अहलूवालिया ने अधिकारियों पर जानबूझकर शहर के प्रथम नागरिक का अपमान करने का
आरोप लगाया है। नगर निगम ही सभी काम करा रहा है लेकिन अधिकारियों ने मेले के उद्घाटन कार्यक्रम के निमंत्रण में हमारा नाम तक नहीं लिखा। अपर नगर
आयुक्त ने हमें जिस समय फोन करके बुलाया, हम रास्ते में थे। अधिकारियों ने हमारा इंतजार तक नहीं किया। कार्यक्रम स्थल पर सभी को पता था कि महापौर आ रहे हैं। शहर के प्रथम नागरिक के लिए यह व्यवहार है तो आम आदमी क्या अपेक्षा रखेगा।
