रिपोर्ट लोकेश कुमार।
मिलावटखोरों को पकड़ने में खाध अधिकारी रहे नाकाम: त्योहारों पर मिलावटखोरी रोकनेके लिए प्रशासन हर साल बड़े-बड़े दावे करता है, लेकिन हकीकत इससे कोसों दूर है. खाद्य विभाग और प्रशासन मिलावटी मिठाइयों और नकली रंगों पर लगामलगाने के लिए छापेमारी और जांच अभियान चलाने का दावा करता है, लेकिन एक दो जगह दिखावा कर ज्यादातर खानापूर्ति तक ही सीमित रह जाते हैं.खाद्य सुरक्षा विभाग अक्सर होली से कुछ दिन पहले सैंपल भरने कीऔपचारिकता करता है! गिनी -चुनी मिठाई की दुकानों पर छापेमारी होती है. जाच रिपोर्ट तैयार होने में महीनो लग जाते हैं, तब तक चौहार खत्म हो चुका होता है और मिलावटी सामान बिक चुका होता है : कार्यवाही क्या होती है इसका किसी क़ो कुछ पता नहीं चलता! हाल ही मे शास्त्री नगर मे हरिया लस्सी कि दुकान पर फुई लगी मिठाईया मिली जाँच भी हुई सेम्पल भी भरा लेकिन कार्यवाही क्या हुई क्या अब बिल्कुल ताजी मिठाईया बिक रही है खाना पूर्ति हुई काम खत्म दूसरा मामला पी एल शर्मा रोड का जहाँ बर्गर का मामला सामने आया था लेकिन कार्यवाही क्या हुई क्या वहाँ ताजे बर्गर मिल रहे है! शहर मे हजारो मिठाई कि दुकाने है कितनो पर जाँच हुई कितनो के सेम्पल भरे शास्त्री नगर पर ही दर्जनों दुकाने है लेकिन जाँच किसी कि नहीं हुई!
