सर्वहित और सद्भावना फाउंडेशन की टीम ने ‘छावा’ फिल्म का आनंद लिया, ऐतिहासिक सत्यता पर जोर :

सर्वहित और सद्भावना फाउंडेशन की टीम ने ‘छावा’ फिल्म का आनंद लिया, ऐतिहासिक सत्यता पर जोर :

सर्वहित और सद्भावना फाउंडेशन की टीम ने ‘छावा’ फिल्म का आनंद लिया, ऐतिहासिक सत्यता पर जोर: मेरठ। भारतीय इतिहास को सही परिप्रेक्ष्य में प्रस्तुत करने वाली फिल्म छावा को देखकर सर्वहित और सद्भावना फाउंडेशन की टीम ने अपनी उत्साहित प्रतिक्रियाएं साझा कीं। संगठन की पूरी महिला टीम ने एकजुट होकर इस ऐतिहासिक फिल्म का आनंद लिया और इसकी सच्ची ऐतिहासिकता की सराहना की।
फाउंडेशन की प्रमुख सदस्य मधु वत्स, डॉ. भावना शर्मा, अनीता गोस्वामी, ममता शर्मा, अनीता पुरी, शिप्रा रस्तोगी और अर्चना शर्मा सहित अन्य महिलाओं ने फिल्म को देखा और इसे युवा पीढ़ी के लिए अत्यंत प्रेरणादायक बताया।फिल्म छावा भारतीय संस्कृति और हिंदुत्व के गौरवशाली इतिहास को सटीक रूप में प्रस्तुत करती है। इस फिल्म ने ऐतिहासिक तथ्यों को नए दृष्टिकोण से उजागर किया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि इतिहासकारों ने अपने स्वार्थ के लिए इतिहास को किस हद तक तोड़ा-मरोड़ा।फिल्म के दौरान, सभी सदस्यों ने इस पर विस्तार से चर्चा की और निष्कर्ष निकाला कि ऐसी फिल्मों को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाना चाहिए, ताकि युवा पीढ़ी वास्तविक इतिहास को समझ सके। सर्वहित और सद्भावना फाउंडेशन की टीम ने फिल्म निर्माण के लिए बॉलीवुड का आभार व्यक्त किया और भविष्य में ऐसी और फिल्मों की उम्मीद जताई।फाउंडेशन की प्रमुख मधु वत्स ने कहा, “यह फिल्म इतिहास की सच्चाई को दर्शाने का बेहतरीन प्रयास है। इसे हर युवा को देखना चाहिए, ताकि वे हमारे अतीत को सही रूप में जान सकें।”फिल्म देखने के बाद टीम ने एक विचार-विमर्श भी किया, जिसमें ऐतिहासिक तथ्यों और वर्तमान में इतिहास की सही व्याख्या की आवश्यकता पर जोर दिया गया। सर्वहित और सद्भावना फाउंडेशन आगे भी समाज में जागरूकता फैलाने के लिए ऐसे आयोजनों को जारी रखेगा।डॉ मधु वत्स, डॉ भावना शर्मा, अनीता गोस्वामी, ममता शर्मा, अनीता पुरी, शिप्रा रस्तोगी, डॉली शर्मा और अर्चना शर्मा ने पुरी महिला टीम के साथ मूवी देखी! डाज़लिंग दीवास की ऑनर शिप्रा रस्तोगी ने बताया कि स्कूलों में बच्चों को अकबर, बाबर और औरंगजेब को महान बताकर गलत इतिहास पढ़ाया जाता है। छावा जैसी फिल्मों के माध्यम से
युवाओं को छत्रपति शिवाजी महाराज और संभाजी महाराज
की वीरता से प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने कहा कि इन महापुरुषों
ने अपना धर्म नहीं बदला और मौत से भी नहीं डरे । शिप्रा ने कहा कि ऐसी और फिल्में बननी चाहिए, जो समाज तक सच्चाई पहुंचाएं।

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