मेरठ में MDA अफसर निकिता सिंह का वीडियो वायरल — कोचिंग सीलिंग के दौरान भवन मालिक को दी ‘FIR ठोंक दूंगी’ की धमकी, प्रशासनिक रवैये पर उठे सवाल:

मेरठ में MDA अफसर निकिता सिंह का वीडियो वायरल — कोचिंग सीलिंग के दौरान भवन मालिक को दी ‘FIR ठोंक दूंगी’ की धमकी, प्रशासनिक रवैये पर उठे सवाल:

मेरठ — शहर के एक कोचिंग सेंटर पर सीलिंग कार्रवाई के दौरान मेरठ विकास प्राधिकरण (MDA) की प्रवर्तन अधिकारी निकिता सिंह द्वारा कथित रूप से दी गई धमकी का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। वीडियो में अधिकारी भवन मालिक और पीड़ित पक्ष से बहस के दौरान कहते हुए दिखाई देती हैं, “ज्यादा रिक्वेस्ट की तो FIR ठोंक दूंगी… ज्यादा मत बोलो और यहाँ सीन क्रिएट मत करो!” यह क्लिप अब स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया यूजर्स के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है और प्रशासन के रूख पर कड़ी आलोचना हो रही है।
क्या हुआ घटनास्थल पर
जानकारी के अनुसार MDA की टीम कोचिंग सेंटर पर सीलिंग की कार्रवाई करने पहुँची थी। जब भवन मालिक और प्रतिनिधियों ने सीलिंग रोकने या किसी रियायत की गुहार लगाई, तो संवाद के दौरान विवाद बढ़ गया। वीडियो में अधिकारी का आक्रमक और धमकी भरा लेहज़ा साफ तौर पर दिखता है, जिस पर मौजूद लोग हैरानी और नाराजगी जता रहे हैं। प्रशासनिक भाषा में कानून का हवाला देने की अपेक्षा अधिकारी ने सीधे मुकदमा दर्ज कराने की धमकी दी।
सोशल मीडिया और स्थानीय प्रतिक्रिया
यह वीडियो सार्वजनिक होते ही वायरल हो गया और सोशल मीडिया पर अधिकारी के व्यवहार की तीखी आलोचना शुरू हो गई। स्थानीय नागरिक, कोचिंग संचालक और कई यूजर्स ने इस तरह के आचरण को प्रशासनिक दुराचरण बताया है और पूछा जा रहा है कि क्या आम नागरिकों की आवाज उठाने पर उन्हें धमकी दी जानी चाहिए। कुछ उपयोगकर्ताओं ने MDA से शीघ्र जांच और जवाबदेही की मांग की है, तो कुछ ने अधिकारी के पक्ष में यह भी तर्क रखा है कि नियमों का पालन जरूरी है और अधिकारी को कठिन निर्णय लेने पड़ते हैं।
प्रशासन की प्रतिक्रिया और आगे की कार्रवाई
वायरल वीडियो के बाद मेरठ विकास प्राधिकरण के उच्चाधिकारियों से संपर्क करने के प्रयास जारी हैं। स्थानीय सूत्रों का कहना है कि MDA इस मामले की जांच कर सकती है और यदि आवश्यक हुआ तो आवश्यक अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। हालाँकि अभी तक MDA की ओर से आधिकारिक बयान सार्वजनिक नहीं हुआ है। नगर निगम या पुलिस विभाग की प्रतिक्रिया भी अपेक्षित है, विशेषकर जब सार्वजनिक तौर पर कोई अधिकारी व्यक्तिगत धमकी देता हुआ दिख रहा है।
कानूनी और प्रशासनिक पहलू
कानून के दायरे में किसी भी तरह की कार्रवाई को उचित प्रक्रिया के अनुसार होना चाहिए। अधिकारीयों का आचरण और नागरिकों की सुरक्षा दोनों ही महत्वपूर्ण हैं। अगर वीडियो में दिखाए गए दावे सत्य पाए जाते हैं, तो यह अनुशासनात्मक और संभवतः कानूनी जांच का विषय बन सकता है। वहीं, यदि सीलिंग कार्रवाई नियमविरुद्ध नहीं थी, तो अधिकारियों द्वारा सख्ती दिखाना भी उनका दायित्व माना जा सकता है—हालाँकि आचरण का स्वर शालीन और पारदर्शी होना चाहिए।
नागरिकों के सवाल
वीडियो ने यह बड़ा प्रश्न उठाया है कि क्या प्रशासनिक शक्ति का दुरुपयोग हो रहा है और क्या आम जनता के सामने पूछने या गुहार लगाने पर पुलिस या प्रशासकीय धमकियाँ दी जा रही हैं। स्थानीय नागरिकों और एक्टिविस्ट्स का कहना है कि पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए घटनास्थल के रिकॉर्ड, एफआईआर रिकॉर्ड और MDA की अनुशासनात्मक रिपोर्ट सार्वजनिक की जानी चाहिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *