मवाना संवाददाता*मवाना। उत्तर प्रदेश शासन द्वारा उप निबंधक कार्यालयों के स्थान पर फ्रंट कार्यालय खोले जाने के प्रस्तावित आदेश का मवाना सिविल बार एसोसिएशन ने कड़ा विरोध किया है। इस संबंध में बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों एवं अधिवक्ताओं ने मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन उप जिलाधिकारी की अनुपस्थिति में तहसीलदार मवाना को सौंपकर आदेश को तत्काल वापस लेने की मांग की।ज्ञापन में कहा गया कि बार एसोसिएशन को जानकारी प्राप्त हुई है कि प्रदेश सरकार द्वारा उप निबंधक कार्यालयों के स्थान पर फ्रंट कार्यालय स्थापित किए जाने के आदेश जारी किए गए हैं। मवाना सिविल बार एसोसिएशन ने इस निर्णय की घोर निंदा करते हुए इसे अधिवक्ताओं, बैनामा लेखकों तथा आम जनता के हितों के विपरीत बताया है।बार पदाधिकारियों का कहना है कि यदि उप निबंधक कार्यालयों के स्थान पर फ्रंट कार्यालय खोले जाते हैं तो अधिवक्ताओं एवं बैनामा लेखकों के जीविकोपार्जन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा, जिससे उनकी आजीविका प्रभावित होगी। साथ ही आम जनता को भी अतिरिक्त आर्थिक भार वहन करना पड़ सकता है, जिससे जनहित प्रभावित होने की आशंका है।मवाना सिविल बार एसोसिएशन की आयोजित बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि जब तक शासन द्वारा जारी उक्त आदेश को वापस नहीं लिया जाता, तब तक तहसील मवाना, जनपद मेरठ के समस्त अधिवक्ता एवं बैनामा लेखक लोकतांत्रिक एवं वैधानिक तरीके से इसका विरोध जारी रखेंगे।फ्रंट कार्यालय खोले जाने के विरोध में बुधवार को मवाना बार के अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य से विरत रहकर अपना विरोध दर्ज कराया। अधिवक्ताओं ने कहा कि यह निर्णय न केवल उनके पेशेवर हितों को प्रभावित करेगा बल्कि आम नागरिकों के लिए भी असुविधा और अतिरिक्त खर्च का कारण बनेगा।बार एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से जनहित एवं अधिवक्ता हितों को ध्यान में रखते हुए उप निबंधक कार्यालयों के स्थान पर फ्रंट कार्यालय स्थापित करने संबंधी आदेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त अथवा वापस लेने की मांग की है।
