मवाना संवाददाता*नगर पालिका और पुलिस के समक्ष खुला उल्लंघन ?मवाना। भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान के बीच मवाना नगर पालिका परिषद द्वारा सुभाष चौक समेत शहर के कई चौक-चौराहों पर राहगीरों को लू और तेज धूप से बचाने के लिए लगाए गए ठंडे पानी व कूलर वाले राहत शेडों पर ई-रिक्शा चालकों का खुलेआम कब्जा सार्वजनिक समस्याओं को और बढ़ा रहा है। स्थानीय लोगों ने बताया कि चालक शेडों में अपने ई-रिक्शा खड़े करके आराम करते हैं और यात्रियों व राहगीरों के लिए बनाए गए बैठने व ठंडक के स्थानों का इस्तेमाल कर रहे हैं।स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया कि मवाना नगर पालिका परिषद के दावे अथवा जवाबदेही के बाबत फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है। नगर के हर चौराहे पर पुलिस कांस्टेबल तैनात होने के बावजूद वे अक्सर कुर्सियों पर बैठकर रहते हैं और ई-रिक्शा चालक उनकी आंखों के सामने निडर होकर शेड में वाहन खड़ा कर लेते हैं। इससे लोगों को शेडों का उपयोग करने में असुविधा आ रही है और बुजुर्ग, स्कूल-कार्यलय आने वाले व अन्य राहगीरों को सीधे धूप और गर्म लू में खड़ा रहना पड़ता है।स्थानीय निवासी विनोद श्रीवास्तव (नाम उदाहरण) ने कहा, “शेड तो जनता की राहत के लिए बनाए थे, पर अब वही जगह ई-रिक्शा पार्किंग बन गई है। बार-बार शिकायत करने के बाबजूद कोई सुनवाई नहीं होती।” कई दुकानदारों और राहगीरों ने भी शिकायतें की हैं कि यह समस्या केवल सुभाष चौक तक सीमित नहीं बल्कि अन्य राहत शेडों पर भी देखने को मिलती है।पब्लिक ग्राउंड रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि कुछ ई-रिक्शा चालक शेडों को अपनी पार्किंग और विश्राम-स्थान बनाकर रखते हैं, जिससे जरूरतमंद लोगों को बैठने की जगह नहीं मिलती और वे तेज धूप में खड़े रहकर अपने काम निपटाने को मजबूर हैं। स्थानीय सोशल मीडिया ग्रुप्स और वॉट्सऐप चैनलों पर भी इस संबंध में शिकायतें और तस्वीरें साझा की जा चुकी हैं।नागरिकों का कहना है कि नगर पालिका को शेडों की नियमित मॉनिटरिंग करनी चाहिए, स्पष्ट निर्देश जारी कर प्रदायगी नियम लागू कराना चाहिए तथा पुलिस को भी स्थानीय स्तर पर स्थायी गश्त और उपयुक्त कार्रवाई करनी चाहिए। नागरिकों ने मांग की है कि संबंधित अधिकारी जल्द से जल्द हस्तक्षेप कर शेडों से अवैध पार्किंग हटवाएं और राहगीरों के लिए शेडों को वापस खोलें।
