मेरठ। 14 जुलाई की घटना के बाद 15 जुलाई को भावनपुर थाना क्षेत्र में बीकेयू (बीआर अंबेडकर) जिलाध्यक्ष मोहित कुमार और वंश के खिलाफ दर्ज मुकदमे को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। पीड़ित पक्ष ने मुकदमे को फर्जी बताते हुए पुलिस पर उत्पीड़न और परिजनों के साथ अभद्रता करने के आरोप लगाए हैं।पीड़ित पक्ष का आरोप है कि भावनपुर एसओ और हसनपुर चौकी प्रभारी संदीप सिंह द्वारा कार्रवाई के दौरान परिजनों के साथ अभद्रता की गई तथा जातिसूचक शब्दों का प्रयोग और मारपीट की गई। मामले को लेकर राष्ट्रीय अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति आयोग, नई दिल्ली में शिकायत दर्ज कराई गई थी।शिकायत पर आयोग ने त्वरित संज्ञान लेते हुए मेरठ के जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से 15 दिन के भीतर जवाब तलब किया है। आयोग की कार्रवाई के बाद पीड़ित पक्ष ने इसे न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।पीड़ित पक्ष ने प्रशासन से मांग की है कि उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे की निष्पक्ष जांच कर उसे निरस्त किया जाए। साथ ही, पुलिसकर्मियों पर लगाए गए अभद्रता, जातिसूचक शब्दों के प्रयोग और मारपीट के आरोपों की जांच कर दोषी पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।पीड़ित पक्ष ने कहा कि उन्हें प्रशासन से निष्पक्ष जांच और शीघ्र न्याय की उम्मीद है।
