हरिद्वार/नोएडा। सावन माह में चल रही कांवड़ यात्रा के दौरान आस्था, सेवा और संस्कार की एक अनोखी तस्वीर सामने आई है। एक युवा शिवभक्त ने पौराणिक श्रवण कुमार की याद ताजा करते हुए अपनी नानी को कांवड़ में बैठाकर हरिद्वार से नोएडा की यात्रा शुरू की है। कांवड़ के एक ओर उनकी नानी विराजमान हैं, जबकि दूसरी ओर गंगाजल का कलश रखा गया है।युवा शिवभक्त ने सबसे पहले हरिद्वार में अपनी नानी को गंगा स्नान कराया। इसके बाद श्रद्धा और सम्मान के साथ उन्हें विशेष रूप से तैयार की गई कांवड़ में बैठाकर यात्रा आरंभ की। इस अनोखी कांवड़ यात्रा में उसके बहन-भाई भी साथ चल रहे हैं और पूरे रास्ते भगवान भोलेनाथ के जयकारे लगा रहे हैं।परिजनों ने बताया कि यह यात्रा परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली और शांति की कामना के लिए निकाली जा रही है। उनका कहना है कि माता-पिता और बुजुर्गों की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है, और इसी भावना के साथ उन्होंने अपनी नानी को कांवड़ में बैठाकर यह यात्रा शुरू की है।रास्ते में इस अनोखी कांवड़ को देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ रही है। श्रद्धालु युवक की सेवा-भावना की सराहना कर रहे हैं और उसे आधुनिक दौर का “श्रवण कुमार” बता रहे हैं। यह दृश्य न केवल शिवभक्ति का संदेश देता है, बल्कि बुजुर्गों के सम्मान और पारिवारिक संस्कारों की भी प्रेरक मिसाल पेश करता है।
