मेरठ विकास प्राधिकरण के जोन B2 में भू-माफिया फरमान की दबंगई: इंचौली थाने के पीछे अवैध कच्ची कॉलोनी में करोड़ों की हेराफेरी :

मेरठ विकास प्राधिकरण के जोन B2 में भू-माफिया फरमान की दबंगई: इंचौली थाने के पीछे अवैध कच्ची कॉलोनी में करोड़ों की हेराफेरी :

मेरठ विकास प्राधिकरण के जोन B2 में भू-माफिया फरमान की दबंगई: इंचौली थाने के पीछे अवैध कच्ची कॉलोनी में करोड़ों की हेराफेरी, अधिकारियों की सेटिंग से चल रहा डुप्लेक्स-फ्लैट निर्माण।मेरठ: मेरठ विकास प्राधिकरण (एमडीए) के जोन B2 में इंचौली थाने के पीछे भू-माफिया फरमान द्वारा अवैध कच्ची कॉलोनी का निर्माण जोरों पर है। योगी सरकार के राजस्व को करोड़ों रुपये की हानि पहुंचाते हुए अधिकारियों की सेटिंग से यह अवैध निर्माण पूरा किया जा रहा है। न तो पीला पंजा चल रहा है और न ही कोई चालानी ना सील की कार्रवाई हो रही है, जिससे सैकड़ों प्लॉट्स पर डुप्लेक्स और फ्लैट बनाए जा रहे हैं। अगर सरकार इन अवैध कॉलोनियों की कंपाउंडिंग कराए तो करोड़ों का राजस्व प्राप्त हो सकता है, लेकिन भू माफिया और एमडीए अधिकारियों की मिलीभगत से यह सब धड़ल्ले से हो रहा है।जोनल अधिकारी, सचिव और कुछ उपाध्यक्ष की सेटिंग के चलते भू-माफिया फरमान को खुली छूट मिल गई है। इंचौली थाना क्षेत्र के पीछे विकसित हो रही इस अवैध कच्ची कॉलोनी में सैकड़ों प्लॉट्स पर अवैध डुप्लेक्स बनाए जा रहे हैं, जिनमें सैकड़ों फ्लैट भी तैयार हो रहे हैं। स्थानीय निवासियों और सूत्रों के अनुसार, माफिया ने पहले भी इसी तरह की एक अवैध कच्ची कॉलोनी में फ्लैट बनाए थे, जहां एमडीए अधिकारियों ने डुप्लेक्स निर्माण को रुकवाया था। लेकिन माफिया की दबंगई के आगे अधिकारी झुक गए और अवैध प्लॉट्स को दोबारा तैयार करा दिया गया। अब वही सिलसिला दोहराया जा रहा है, जहां अवैध कच्ची कॉलोनी में डुप्लेक्स पर फ्लैट निर्माण को बढ़ावा मिल रहा है।एमडीए के नियमों के उल्लंघन में यह कॉलोनी बिना किसी अनुमति के विकसित हो रही है। योगी सरकार की ‘बुलडोजर नीति’ के बावजूद यहां न तो बुलडोजर की गूंज सुनाई दे रही है और न ही कोई डिमोलिशन की कार्रवाई हो रही है। सूत्र बताते हैं कि माफिया फरमान ने जोनल अधिकारियों और सचिव के साथ सेटिंग कर ली है, जिसके चलते अवैध निर्माण न केवल जारी है बल्कि पूरा भी हो रहा है। अगर इन सैकड़ों अवैध प्लॉट्स और कॉलोनियों की कंपाउंडिंग हो जाए तो सरकार को करोड़ों रुपये का राजस्व मिल सकता है, लेकिन भ्रष्टाचार की भेंट चढ़कर यह संभावना खत्म हो रही है।पिछले मामलों में भी फरमान पर कई शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं। एक पूर्व अवैध कॉलोनी में उसने डुप्लेक्सों को फ्लैट में तब्दील कर दिया था, जिस पर एमडीए ने कार्रवाई की थी। लेकिन दबाव में सब कुछ पहले जैसा हो गया। अब इंचौली के इस नए प्रोजेक्ट में भी यही हो रहा है। स्थानीय लोग डर के मारे खुलकर बोलने से कतरा रहे हैं, लेकिन वे प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि पीला पंजा चलाकर इस माफिया राज को खत्म किया जाए।एमडीए के अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लग रहे हैं। जोनल अधिकारी, सचिव और उपाध्यक्षों की भूमिका की जांच जरूरी है। योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत ऐसी कार्रवाइयों पर सख्ती की उम्मीद है। मेरठ विकास प्राधिकरण ने इस मामले पर को ध्यान नहीं दिया है, लेकिन स्थानीय स्तर पर आक्रोश बढ़ता जा रहा है। अगर समय रहते कार्रवाई न हुई तो यह भू-माफिया की हिम्मत और बढ़ाएगा।

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