वीडियो वायरल होते ही विभाग में ‘हड़कंप’ मच गया। एसपी साहब ने आनन-फानन में सस्पेंड कर दिया। ये सस्पेंशन भी गजब की चीज़ है , जब तक जनता न देख ले, तब तक सब ‘लीला’ है, और जैसे ही जनता देख ले, वही ‘अश्लीलता’ बन जाती है। अब विभागीय जांच होगी, रिपोर्ट आएगी, और अंत में निष्कर्ष निकलेगा कि ‘नेटवर्क की खराबी’ के कारण मर्यादा लीक हो गई।इस देश में सिपाही को अब चोर पकड़ने की ट्रेनिंग से ज़्यादा ‘कैमरा एंगल’ समझने की ज़रूरत है क्योंकि अगर आपकी ‘शूटिंग’ सही नहीं है, तो आपकी वर्दी और नौकरी दोनों सस्पेंड हो सकती हैं।’ बिजनौर की जनता अब थाने जाने से डर रही होगी, कहीं ऐसा न हो कि कोई अपनी फरियाद सुना रहा हो और पीछे किसी ‘वीडियो’ की शूटिंग चल रही हो। सार यही है कि साहब, वर्दी तो मिल गई, पर जो ‘मर्यादा’ उसके साथ आती है, वह शायद व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी के किसी ग्रुप में छूट गई है
