रिपोर्ट लोकेश कुमार
जनपद हापुड़ में सरकारी राशन की कालाबाजारी एक गंभीर समस्या बन चुकी है, जिसमें राशन माफिया विजय कुमार व भूषण शर्मा खुलेआम सरकारी खाद्यान्न को अवैध रूप से बेच रहे हैं और इस पर अधिकारियों का पर्याप्त नियंत्रण नहीं है।हापुड़ के गढ़ में राशन की कालाबाजारी का खुलासा हापुड़ के गढ़ रेलवे फाटक के पास, व मेरठ रोड बस स्टैंड के सामने और शराब के ठेके के पास सरकारी राशन की कालाबाजारी हो रही है, जो समाचार और वीडियो के माध्यम से वायरल होकर संबंधित विभागों में हड़कंप मचा चुके हैं।कई मामलों में खाद्यान्न में पानी मिलाकर उसका वजन बढ़ाने आदि की शिकायतें आई हैं, जिससे गरीबों तक सही मात्रा में अनाज नहीं पहुंचता।चोरी किए गए राशन का लिंक मेरठ, गाजियाबाद आदि स्थानों से भी जुड़ता पाया गया है।अधिकारियों की भूमिका, संरक्षण व शिकायतें स्थानीय प्रशासन और सप्लाई इंस्पेक्टर के संरक्षण में भी ऐसे अवैध कारोबार के आरोप आम हैं, जहां माफिया का कहना है कि उनकी “ऊपर तक सेटिंग है”, जिससे कोई कार्रवाई नहीं होती और सभी संबंधित अधिकारियों को पैसा जाता है।डीलर, दुकानदार व कुछ लाभार्थी भी इस घोटाले से जुड़े मिलते हैं; सरकारी दुकानें नियम अनुसार न खुलना, पूरा राशन न देना, कम मात्रा देना जैसी शिकायतें लगातार रिपोर्ट की जाती हैं।राशन कार्ड धारकों को धमकी दी जाती है कि शिकायत करने पर उनका कार्ड रद्द कर दिया जाएगा, जिससे पीड़ित चुप रहते हैं।जनता व शासन की प्रतिक्रियाएँव्यापक दुरुपयोग को देखते हुए सरकार और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग उठ रही है, ताकि कालाबाजारी पर रोक लगाई जा सके और जरूरतमंदों को उनका हक मिल सके।जिलापूर्ति अधिकारी भी सुधार न होने की बात स्वीकार चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस परिणाम नहीं दिख रहा है।जनपद हापुड़ में सरकारी राशन की कालाबाजारी का गहरा और संगठित नेटवर्क है, जिसमें स्थानीय माफिया, कुछ अधिकारी और डीलर शामिल हैं, और प्रशासनिक व्यवस्थाएं कमजोर पड़ रही हैं
