अमित कम्बोज संवाददाता मवाना।
आज शनिवार मवाना नगर के मेरठ रोड स्थित ए एस इंटर कॉलेज में बेटियों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए नॉर्थ इंडिया सेल्फ डिफेंस फेडरेशन (NISDF) ने आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि श्रीमती नुपुर गोयल (IAS), मुख्य विकास अधिकारी (CDO), मेरठ एवं विशिष्ट अतिथि श्रीमती शिवांगी सिंह , प्रबंध समिति के अध्यक्ष अखिल कुमार कौशिक एवं प्रबंधक पवन कुमार रस्तोगी ने दीप प्रज्वलन कर किया।विद्यालय प्रधानाचार्य डॉ. मेघराज सिंह ने सभी अतिथियों का हार्दिक स्वागत करते हुए कहा,यह हमारे विद्यालय के लिए गर्व का क्षण है कि हम छात्राओं को आत्मरक्षा जैसी जीवनोपयोगी शिक्षा दे रहे हैं। यह पहल उन्हें निडर बनाएगी और समाज में एक नई पहचान देगी। अतिथियों का स्वागत पौधा व पुष्पगुच्छ भेंट कर किया गया। बालिकाओं ने सरस्वती वंदना और स्वागत गीत प्रस्तुत कर कार्यक्रम को गरिमामयी बना दिया।*एनजीओ निदेशकों का दृष्टिकोण*एनजीओ निदेशक श्री दुश्यंत त्यागी ने अपने संबोधन में कहा कि आज हमारी जिम्मेदारी है कि हम हर बेटी को इतना सक्षम बनाएं कि वह किसी भी स्थिति में खुद को सुरक्षित रख सके। यह कार्यक्रम उसी दिशा में एक सशक्त कदम है।एनजीओ निदेशक सुश्री पायल ने बताया कि आत्मरक्षा सिर्फ तकनीक नहीं बल्कि साहस आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। यह अभियान समाज में लड़कियों के प्रति सोच को बदलने का माध्यम बनेगा।प्रशिक्षण देने वाली टीम में श्री आदित्य, सुश्री माहि बंसल, श्री राज यादव और सुश्री मोनिका शामिल रहे। प्रशिक्षकों ने छात्राओं को विभिन्न प्रैक्टिकल तकनीकें सिखाईं जैसे—पकड़ से छुटकारा, धक्का देने पर संतुलन बनाना, खतरे के समय आवाज़ लगाना और सुरक्षित स्थान पर जाना।छात्राओं द्वारा प्रस्तुत डेमो ने दर्शकों को प्रभावित किया। उनकी आत्मविश्वासी प्रस्तुति ने यह साबित किया कि सही प्रशिक्षण मिलने पर कोई भी लड़की कठिन परिस्थिति का सामना कर सकती है।मुख्य अतिथि श्रीमती नुपुर गोयल (IAS), मुख्य विकास अधिकारी (CDO), मेरठ ने कहा बताया किआत्मरक्षा आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। शिक्षा तभी पूर्ण मानी जाएगी जब बच्चियाँ खुद को हर परिस्थिति में सुरक्षित रख सकें। यह पहल आने वाली पीढ़ी को निडर, जागरूक और आत्मनिर्भर बनाएगी।विशिष्ट अतिथि श्रीमती शिवांगी सिंह ने कहा बताया कि बेटियों की सुरक्षा सिर्फ पुलिस या समाज की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि उन्हें खुद भी सजग और सशक्त होना होगा। आत्मरक्षा उनके जीवन में साहस और आत्मविश्वास भरती है। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन और राष्ट्रगान के साथ हुआ। इस अवसर पर विद्यालय प्रबंधन, अध्यापकगण, छात्राएँ और स्थानीय गणमान्य लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। अंत में अतिथियों को स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।कार्यक्रम का संचालन कोऑर्डिनेटर निष्ठा तथा कोऑर्डिनेटर अंजू सिंह ने सामूहिक रूप से किया l
