मेरठ। शहर की ट्रैफिक व्यवस्था की पोल उस समय खुल गई जब खुद जिले के कप्तान डॉक्टर विपिन ताड़ा पुलिस बल के साथ शहर के अलग-अलग हिस्सों में जाम में फंस गए। एसएसपी मंगलवार को शहर का राउंड ले रहे थे, तभी हापुड़ अड्डा, युग हॉस्पिटल, गांधी आश्रम और बेगमपुल रोड पर भारी जाम ने पुलिस की गाड़ियों को भी रोक दिया।आधा दर्जन से अधिक स्थानों पर जाम का आलम यह रहा कि गाड़ियां घंटों रेंगती रहीं और ट्रैफिक पुलिस मौके पर या तो गायब रही या फिर मूकदर्शक बनी रही।लोगों की प्रतिक्रियाएंबेगमपुल क्षेत्र के दुकानदार मनोज कुमार ने कहा, “हर दिन यहां यही हाल है। त्योहारी सीजन में जाम और बढ़ गया है, लेकिन ट्रैफिक पुलिस व्यवस्था संभालने के बजाय सिर्फ चालान काटने में लगी रहती है।”गांधी आश्रम से गुजर रहे राहगीर अनिल त्यागी बोले, “अगर एसएसपी खुद जाम में फंस सकते हैं तो आम जनता की तकलीफ कौन सुनेगा? प्रशासन को तुरंत ठोस कदम उठाने चाहिए।”युग हॉस्पिटल पहुंचने वाली एक महिला मरीज की तीमारदार ने कहा, “हमें हॉस्पिटल पहुंचने में देर हो गई। एंबुलेंस तक जाम में फंसी रही। यह गंभीर स्थिति है।”लोगों का कहना है कि जाम की सबसे बड़ी वजह अतिक्रमण, अवैध पार्किंग और ट्रैफिक पुलिस की लापरवाही है। सवाल यह है कि जब जिले का कप्तान ही जाम की समस्या से नहीं बच पा रहा, तो आम जनता की सुरक्षा और सुविधा की गारंटी कौन देगा?
