रिपोर्ट लोकेश कुमार।
विकास प्राधिकरण के अधिकारी सौ रहे, कर्मचारीयों के सहयोग से ग्रीन बेल्ट में बन रहा शादी का फार्म हाऊस और दुकानों की मार्केट: मेरठ विकास प्राधिकरण के B 2, कंकरखेडा सरधना रोड पर बटजेवरा से मात्र थोड़ी आगे ग्रीन बेल्ट में बिना अनुमति, बिना मानचित्र पास कराए और बिना स्वीकृति के एक व्यवसायिक दुकान कॉम्प्लेक्स और शादी के फार्म हाउस का अवैध निर्माण किया जा रहा है।…………………………..आखिर निर्माणकर्ता राहुल रस्तोगी और उसका सहयोगी कौन हैं?👇👇👇👇👇👇👇चर्चा में तीन नाम सामने आए हैं:……………………1कर्मचारी सुभाष ……………………2. अभियंता पवन शर्मा।……………..……… 3 निर्माणकर्ता राहुल रस्तोगी ………………………..इन तीनों पर आरोप है कि उन्होंने नियमों को ताक पर रखकर अवैध दुकानें मंडप बनवाना शुरू किया और स्थानीय प्राधिकरण की अनदेखी में यह कार्य लगातार जारी है।कर्मचारी की मिलीभगत ओर निर्माणकर्ता राहुल रस्तोगी की दबंगई बताई जा रही है? बल्कि अवैध निर्माणकर्ता राहुल रस्तोगी नक्शे के नाम पर कर रहा गुमराह ।1. चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी सुभाष ओरअभियंता पवन शर्मा पर– आरोप है कि यह कर्मचारी अवैध निर्माण कार्यों को बजाये रुकवाने या कार्यवाही करने के उन्हें करवाने मे मदद कर रहा है, अभियंता पवन शर्मा पर आरोप है कि वह निर्माणकर्ताओं राहुल रस्तोगी से मोटी रकम वसूल कर अवैध निर्माणों को पूरा करा रहा है।कुछ अन्य लोगों ने भी दावा किया है कि कुछ अवैध निर्माण भी अभियंता ओर कर्मचारी की सेटिंग से पूरे कराए गए।2. पवन शर्मा (MDA अभियंता) – इन पर आरोप है कि सत्ताधारी दल के दबाव में आकर वह कोई कार्रवाई नहीं कर पा रहे।3. MDA के अधिकारी और सचिव – इन सभी पर मिलीभगत और जानबूझकर आंख मूंदे रखने का आरोप है। ( सरकार को हो रही हानि ) सरकारी राजस्व को भारी नुकसान – यदि ये अवैध दुकानें MDA से नियमितीकरण (कंपाउंडिंग) करवा ली जातीं, तो लाखों रुपये का राजस्व MDA को मिल सकता था। लेकिन, मिलीभगत और भ्रष्टाचार की वजह से न नियम लागू हो रहे हैं, न राजस्व प्राप्त हो रहा है। (कानूनी पक्ष) सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की भी अनदेखी की जा रही है, जो स्पष्ट रूप से ग्रीन बेल्ट में निर्माण को प्रतिबंधित करते हैं।यह पूरी गतिविधि अवैध और गैरकानूनी है।जन प्रतिक्रिया और आगामी कार्रवाई: इस अवैध निर्माण की जानकारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और MDA के उपाध्यक्ष को पत्र लिखकर दी जाएगी। उद्देश्य यह है कि उच्चस्तरीय हस्तक्षेप से इस भ्रष्टाचार पर रोक लग सके और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो।निष्कर्ष : यह खबर मेरठ शहर में प्रशासनिक भ्रष्टाचार, राजनीतिक दबाव और अवैध निर्माण के एक संगठित नेटवर्क की ओर संकेत करती है। जनता और मीडिया का यह दायित्व है कि ऐसी खबरें उजागर की जाएं ताकि पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।
