रिपोर्ट लोकेश कुमार।
मंशा देवी रोड की सड़क गड्ढों में हुई तब्दील श्रद्धालु टूटी हुई सड़क पर फैली रोड़ी बजरी पर चलकर चढ़ा रहे प्रसाद भाजपा प्रतिनिधि ले रहे चैन की नींद।
मेरठ।” अपना काम बनता भाड़ में जाए जनता” यह कहावत इस समय जिला मुख्यालय पर सटीक बैठ रही है। वोट के लिए लोगों के दरवाजे दरवाजे घूम कर बड़ी-बड़ी बातें करने वाले जनप्रतिनिधि जहाँ चुनाव जीतने के बाद सिर्फ अपना विकास करने में जुटे नजर आ रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफजिले के जिम्मेदार अधिकारी भी चौन की बंशी बजा रहे
जी हाँ। हम बात रहे हैं उस जनपद के जिला मुख्यालय की, जहाँ के साँसद भाजपा के नेता अरुण गोविल हैं, , वहीं विपक्ष पार्टी की बात की जाए तो विधायक शाहिद मंजूर पूर्व सरकार के मंत्री का निज निवास भी मेरठ में हैं। लोगों का कहना है कि किसी भी नेता को शायद शहर के विकास से कोई वास्ता नहीं है, अगर जनप्रतिनिधियों का
मकसद विकास करना ही होता तो इनके फंड व प्रयासों से अब तक शहर का कायाकल्प हो जाता।
गौरतलब है कि शहर के अंदर एक भी सड़क चलने योग्य नहीं है किठौर,विधानसभा , गढ़ रोड, पचगांव बड़डा मार्ग बदहाल पड़ा, भटीपुरा कायस्थ बड़डा ,हसनपुर कदीम, मेडिकल के सामने मंशा देवी रोड जहां लाखों श्रद्धालु मंशा देवी मंदिर पर जाकर प्रसाद लम्बी लाइन में लगाकर टूटी सड़को को रोड़ी पर चलकर चढ़ाते हे तेजगढ़ी चौराहे से गढ़ रोड को जाने वाली सड़क भयंकर गड्डों में तब्दील हो चुकी है, इस सड़क पर चलने वाले वाहन चालक जान जोखिम में डाल कर आवागमन करने को मजबूर हैं।रोड पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है, इस पर जरा सी चूक होते ही बाईक तथा ई रिक्शा आदि पलट जाते हैं, लोग चोटिल हो रहे हैं। दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं फुटबॉल चौराहे से बागपत रोड मलियाना पुल तक की तमाम सड़के टूटी पड़ी हैं। गढ़ की तरफ जाने वाली सड़क की बात करें तो वह बिलकुल खंडहर में तब्दील हो चुकी है, इस सड़क के हालात इतने खराब हो चुके हैं कि इस पर आवागमन करने वाले राहगीर तो परेशान होते ही हैं, परन्तु सड़क के पीडब्ल्यूडी की कार्यशैली से भी ऊब चुकी है शहर की जनता !
सड़क किनारे रहने वाले लोगों का यहाँ दिन रात उड़ने वाली बेहताशा धूल-मिट्टी के चलते जीना दुश्वार हो चुका है, बुजुर्गों का हाल ये है कि वह साँस के मरीज होते जा रहे हैं।आरजी डिग्री कॉलेज से ईवीज होते हुए आबकारी कार्यालय को जाने वाली सड़क की हालत इतनी खराब हो चुकी हैं कि सड़क में डाली गयीं रोड़ी बाहर
निकल कर बाइक सवार फिसल कर गिर रहे है सड़को में रोड़ी फंस कर अब तक कई लोग चोटिल हो चुके हैं, इसी सड़क से जिले के बड़े बड़े अधिकारी दिन भर कलेक्ट्री कचहरी तथा विकास भवन आवागमन करते हैं परन्तु उन्हें भी ना तो उक्त सड़क के गड्ढे नजर आते हैं और ना ही सड़क का सीना चीर कर बाहर निकलीं खतरनाक सड़क पर बिखरी पड़ी रोड़ी और बजरी और एक एक फिट के गहरे गड्ढे शहर की जनता को सड़को में हो रहे गड्ढे से कौन दिलाएगा निजात ।
बताते चलें कि पूरे प्रदेश के शासन-सत्ता को एक तरफरखते हुए शहर की जनता ने जिस भरोसे के सासंद और विधायकों की ताजपोशी करवायी थी, अब वही जनता अपना माथा पीटती नजर आ रही है। गौरतलब कि शहर के अंदर लोग मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं, सड़कों की हालत खस्ताहाल है, नालियाँ बजबजा रही हैं, चारो तरफ गंदगी का अम्बार लगा हुआ है, लोग तो यहाँ तक कहने लगे हैं कि प्रतिनिधि सिर्फ अपना विकास करने में जुटे हैं, आम जनमानस की समस्याओं से उनको कोई सरोकार नहीं है। लोग कह रहे हैं कि सिर्फ बिजली के खम्भों पर चंद झालर वाली लाईटें लगाने को विकास नहीं कहते हैं। बता दें कि ये वही विधायक हैं जिन्होने चुनाव के दौरान नारा दिया था कि “नेता नही सेवक चुनें, एक फोन पर सारे काम होगे। अब भाजपा प्रतिनिधि की राजशाही का आलम यह है कि शहर की दुर्दशा उन्हे नजर ही नहीं आ रही हैं। लोग तो यहाँ तक कहने लगे हैं कि मंत्री और विधायक और सांसद तो आजकल अपने राजशाही ठाठ-बाठ को संवारने में लगे हुए हैं।
