रिपोर्ट लोकेश कुमार
मेरठ! शहर की सड़कों पर यातायात नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, और सबसे ज़्यादा चौकाने वाली बात यह है कि ऐसा करने वाले हैं स्कूलीऔर कॉलेज छात्र-छात्राएं। न हेलमेट, न डर – बाइक स्कूटी पर तीन-तीन सवारियाँ, और रफ्तार ऐसी कि खुद जान के साथ दूसरों की ज़िंदगी भी खतरे में डाल रहे हैं। 1. बेगमपुल से हापुड़ अड्डा बना ‘रेस ट्रैक’, नियमों की धज्जियाँ उड़ाते छात्र
मेरठ के चौराहो पर हर सुबह और दोपहर ऐसा नज़ारा आम है – बिना हेलमेट तीन छात्र या छात्राएं बाइक पर तेज़ रफ्तार में पुलिसकर्मियों के सामने से गुजरते हैं, मानो कानून सिर्फ किताबों में लिखा शब्द है। न कोई डर, न किसी की रोक-टोक।
- पुलिस मूक दर्शक, कोई कार्रवाई नहीं
चौंकाने वाली बात ये है कि यह सब कुछ पुलिस की आंखों के सामने हो रहा है। चौराहे पर तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मी या तो अनदेखा करते हैं या फिर जैसे इनका कोई ‘ऑर्डर’ हो कि छात्रों को हाथ न लगाओ। आखिर कब तक कानून को आंखों के सामने रौंदा जाता रहेगा? - ज़िम्मेदार कौन? स्कूल प्रबंधन या माता-पिता?
अगर किसी दिन कोई बड़ा हादसा हो जाए, तो जिम्मेदारी किसकी होगी? क्या स्कूल और कॉलेज प्रशासन का कोई दायित्व नहीं बनता कि उनके छात्र सुरक्षित वाहन संचालन करें? या माता-पिता सिर्फ बाइक और मोबाइल थमा देने के बाद अपने कर्तव्यों से मुक्त हो जाते हैं? - ट्रिपल सवारी = तीन जानें खतरे में:
एक बाइक पर तीन-तीन सवारी और कोई भी हेलमेट नहीं पहने यह सिर्फ ट्रैफिक नियम का उल्लंघन नहीं, बल्कि खुद मौत को दावत देने जैसा है। यह स्टंटबाज़ी, यह दिखावा, एक दिन किसी के लिए अंतिम सफर बन सकता है। - क्या कहता है कानून?
भारत के मोटर व्हीकल एक्ट के अनुसार ट्रिपल सवारी प्रतिबंधित है और हेलमेट न पहनना दंडनीय अपराध है। बावजूद इसके, मेरठ की सड़कों पर यह सब खुलेआम हो रहा है।
निष्कर्ष:
मेरठ का बेगम पुल से हापुड़ अड्डा चौराहा और उसके बाद नई सड़क इस समय कानून व्यवस्था का आईना बन चुका है – जिसमें न पुलिस की सख्ती दिखती है, न छात्रों की समझदारी। अगर समय रहते इस पर लगाम नहीं लगी, तो आने वाले दिनों में हादसे ही सुर्खियां बनेंगे।
पुलिस प्रशासन और शिक्षा विभाग को चाहिए कि ऐसे मामलों में तुरंत कार्रवाई करें, वर्ना आने वाली पीढ़ी कानून को सिर्फ मज़ाक ही समझेगी। अब देखना हैं क्या आगे भी ऐसी तस्वीरें दिखाई देगी या या छात्र छात्राओं पर होंगी सख़्ती :
