मेरठ, संवाददाता।तीन महीने से फरार चल रही चर्चित महिला आरोपी सोफिया को आखिरकार थाना मेडिकल पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मामला लोन दिलाने के नाम पर दुष्कर्म, वीडियो वायरल करने की धमकी और धोखाधड़ी से जुड़ा है। प्रशासन ने इस गिरफ्तारी को बड़ी कामयाबी माना है, खासकर तब जब आरोपी लंबे समय से पुलिस की आंखों में धूल झोंक रही थी।गौरतलब है कि मुकदमा अपराध संख्या 18/2025 के तहत दर्ज इस मामले में सोफिया की तलाश लंबे समय से की जा रही थी। पुलिस को इनपुट मिला था कि वह लगातार ठिकाने बदल रही है और अपने रसूख के चलते गिरफ्तारी से बचती आ रही है। लेकिन जैसे ही मीडिया में खबर प्रकाशित हुई, प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया और विशेष टीम बनाकर कार्रवाई को अंजाम दिया।झूठे आरोप से दरोगा हुआ था निलंबितइस मामले को और भी सनसनीखेज तब माना गया जब यह तथ्य सामने आया कि सोफिया ने कुछ महीने पहले एक ईमानदार दरोगा पर झूठे आरोप लगाकर उसे निलंबित करवा दिया था। जांच में यह साफ हुआ कि सोफिया झूठी शिकायतें करके न केवल अधिकारियों को फंसा रही थी, बल्कि खुद को कानून से ऊपर मान बैठी थी।स्पा सेंटरों की ‘किंग’ बताई जाती है सोफियापुलिस सूत्रों के अनुसार, सोफिया मेरठ व आसपास के इलाकों में चल रहे कई स्पा सेंटरों की संचालक है या फिर उनका संचालन अपने इशारों पर कराती थी। उसे ‘स्पा सेंटरों की किंग’ तक कहा जाता है। यह आशंका जताई जा रही है कि इन स्पा सेंटरों की आड़ में कई संदिग्ध गतिविधियाँ चल रही थीं, जिनकी जांच अब पुलिस की प्राथमिकता बन चुकी है।पीड़ित युवक की आपबीतीमामले में पीड़ित युवक ने पुलिस को बताया कि सोफिया ने उसे आसान लोन दिलाने का झांसा देकर बुलाया और फिर नशीला पदार्थ देकर उसके साथ दुष्कर्म किया। यही नहीं, इस दौरान उसकी अश्लील वीडियो बनाई गई और बाद में उसे वायरल करने की धमकी देकर पैसों की मांग की गई।पुलिस कर रही गहन पूछताछसोफिया की गिरफ्तारी के बाद पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि इस गिरफ्तारी से एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश हो सकता है, जो स्पा सेंटर की आड़ में आपराधिक गतिविधियाँ चला रहा था। पुलिस अब सोफिया के कॉल रिकॉर्ड, बैंक डिटेल्स और संपर्कों की जांच में जुट गई है।प्रशासन का सख्त रुखवरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) ने कहा है कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी भी रसूखदार या प्रभावशाली व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कानून सबके लिए समान है, और पीड़ितों को न्याय दिलाना प्राथमिकता है।
