रिपोर्ट तरुण आहुजा।
मेरठ शनिवार को हनुमान जयंती थी — इस दिन जब श्रद्धा, भक्ति और धर्म का स्वरूप सड़कों पर दिखाई देना चाहिए था। मंदिरों में घंटे बजने चाहिए थे, भक्तों की कतारें होनी चाहिए थीं, और हनुमान चालीसा की गूंज पूरे शहर को भक्ति में डुबो देती। लेकिन हकीकत इससे कोसों दूर निकली। मेरठ की सड़कों पर भीड़ उमड़ी, पर वो न मंदिरों की ओर जा रही थी, न प्रभु की भक्ति में डूबी थी। फिल्म अभिनेता सनी देओल जब अपनी चल रही फिल्म ‘जाट’ के प्रमोशन के लिए मेरठ पहुंचे, तो मानो शहर की धड़कनें वहीं ठहर गईं। हजारों की भीड़ उमड़ पड़ी, सेल्फियां, नारे और शोर ने सारा माहौल सरगर्म कर दिया।इसी दिन शहर की एक आम लड़की मुस्कान रस्तोगी जब अस्पताल में अपना प्रेगनेंसी टेस्ट कराने पहुंची, तो किसी अफवाह के चलते वहां भी भीड़ उमड़ पड़ी। हर कोई यह जानने को बेताब था कि ‘क्या हुआ मुस्कान का?’*भीड़ थी, जुनून था, उत्साह था — लेकिन कहां? मंदिरों **आस्था बनाम आकर्षण:*एक अनुमान के मुताबिक सनी देओल के कार्यक्रम में 15 से 20 हज़ार लोग इकट्ठा हुए। ट्रैफिक जाम हुआ, पुलिस को अतिरिक्त बल बुलाना पड़ा। वहीं शहर के प्रमुख मंदिरों — जैसे काली पलटन मंदिर, हनुमान घाट, श्री हनुमान धाम — में औसतन 200-300 श्रद्धालु ही पहुंचे।सोचिए, जहां सैकड़ों मंदिरों में हनुमान जी के जन्मोत्सव पर घंटियां बजनी चाहिए थीं, वहां सिर्फ गिनती के लोग थे। यह धार्मिक आयोजनों को लेकर हमारी बदलती सोच को साफ दर्शाता है।*समाज को आईना दिखाती तस्वीर:*सेलिब्रिटीज को देखना, उनसे मिलना — यह गलत नहीं है। लेकिन जब एक फिल्म स्टार हमें धर्म से बड़ा दिखने लगे, तब हमें रुककर खुद से सवाल करने चाहिए।क्या यह वही भारत है जिसकी संस्कृति रामायण और गीता से सांस लेती है?क्या यह वही मेरठ है, जहां 1857 की क्रांति मंदिरों से शुरू हुई थी?*धर्म दिखावे से नहीं, भागीदारी से बचेगा:*त्योहार और जयंती केवल रीति-रिवाज नहीं, एक चेतना हैं। अगर हम इन अवसरों पर मौन हो जाएं और फिल्मी चमक-दमक में खो जाएं, तो आने वाली पीढ़ी भक्ति को केवल किताबों में पढ़ेगी।जरूरत है कि हम अपने मंदिरों में भीड़ बढ़ाएं, मन में श्रद्धा जगाएं, और धर्म को शो-पीस नहीं, जीवन का हिस्सा बनाएं।सनी देओल जाएंगे, मुस्कान का सच कुछ दिनों में भूल जाएगा,लेकिन हनुमान जी की यह जयंती — जो खाली मंदिरों के बीच बीत गई — हम सबके लिए एक आत्मचिंतन का विषय बन जानी चाहिए।डॉ अनीता पुंडीर अस्सिटेंट प्रोफेसर देवनागरी महाविद्यालय मेरठ राष्ट्रीय सचिव शिक्षक सभा समाजवादी पार्टी
