रिपोर्ट लोकेश कुमार।
सेंट्रल मार्केट मामले में व्यापारियों की बढ़ी चिंता, राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी से मिले व्यापारी नेता।
सेन्ट्रल मार्किट व्यापारियों औरप्रशासन के बीच बातचीत से निकलेगा इस मुद्दे का समाधान या बढेगा टकराव :मेरठ।
शास्त्रीनगर सेक्टर-6 स्थित सेंट्रल मार्केट मामले को लेकर व्यापारियों में भारी असंतोष है। संयुक्त व्यापार संघ के पदाधिकारियों ने शनिवार को राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी से उनके आवास पर मुलाकात की और इस मुद्दे पर शासन स्तर से उचित कार्यवाही की मांग उठाई।इस दौरान संरक्षक बिजेंद्र अग्रवाल, अरुण वशिष्ठ, अध्यक्ष अजय गुप्ता और महामंत्री दलजीत सिंह सहित अन्य व्यापारी नेता उपस्थित रहे। व्यापारियों ने सांसद से आग्रह किया कि इस विवाद का हल निकालने के लिए सरकार स्तर पर हस्तक्षेप किया जाए ताकि स्थानीय व्यवसाय प्रभावित न हों।क्या है सेंट्रल मार्केट विवाद?दरअसल, शास्त्रीनगर सेक्टर-6, मकान संख्या 661/6 एक आवासीय भवन के रूप में पंजीकृत था, लेकिन इस पर एक व्यावसायिक कांप्लेक्स बना दिया गया। इसको लेकर पहले ही शिकायत दर्ज की गई थी, जिसके चलते न्यायालय ने तीन महीने के भीतर अवैध निर्माण को खाली कराकर दो सप्ताह में ध्वस्त करने का आदेश दिया था।यह मामला सिर्फ एक इमारत तक सीमित नहीं है, बल्कि शहर में ऐसे 1473 आवासीय भवनों की पहचान की गई है, जहां व्यावसायिक गतिविधियां चल रही हैं। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद आवास एवं विकास परिषद ने इन भवनों का सर्वेक्षण किया और अब तक 600 दुकानदारों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं।व्यापारियों की दलील: वर्षों से हो रहा व्यापार, अब कहां जाएं?व्यापारियों का कहना है कि शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट में सालों से व्यापार चल रहा है। अगर प्रशासन अचानक इन व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को हटाने लगेगा, तो सैकड़ों दुकानदार और उनके कर्मचारी बेरोजगार हो जाएंगे। व्यापारियों ने यह भी तर्क दिया कि जब वर्षों तक इस क्षेत्र में व्यापारिक गतिविधियां चलती रहीं, तो प्रशासन ने पहले कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की?संयुक्त व्यापार संघ के पदाधिकारियों ने राज्यसभा सांसद से यह भी कहा कि यह कोई अकेला मामला नहीं है, बल्कि मेरठ और अन्य शहरों में भी कई आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियां हो रही हैं। यदि प्रशासन एकतरफा कार्रवाई करता है, तो व्यापारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।सांसद का आश्वासन: विधिक समाधान निकालने का प्रयास जारीराज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने व्यापारियों को आश्वस्त किया कि वे इस मामले का विधिक हल निकालने के लिए प्रयासरत हैं। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को संविधानिक दायरे में रहकर सुलझाने के लिए वे सरकार और उच्चाधिकारियों से चर्चा कर रहे हैं।उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि व्यापारियों को मिलकर कोई व्यवस्थित प्रस्ताव प्रशासन को देना चाहिए, ताकि कोई बीच का रास्ता निकल सके।व्यापारियों की अगली रणनीतिसंयुक्त व्यापार संघ ने संकेत दिया कि यदि जल्द ही कोई समाधान नहीं निकला, तो वे आंदोलन का रास्ता अपना सकते हैं। व्यापारी संगठनों का कहना है कि वे इस मामले को लेकर प्रशासन से वार्ता करेंगे और यदि व्यापारियों के हितों की अनदेखी हुई, तो वे कानूनी विकल्पों के साथ आंदोलन पर भी विचार कर सकते हैं।नगर निगम और प्रशासन का पक्षनगर निगम और आवास एवं विकास परिषद का कहना है कि वे सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन कर रहे हैं। परिषद के अनुसार, सर्वेक्षण के दौरान 1473 आवासीय भवनों में व्यावसायिक गतिविधियां पाई गईं, जिनमें से 600 दुकानदारों को पहले ही नोटिस दिए जा चुके हैं। आगे की कार्रवाई नियमानुसार की जाएगी।निष्कर्षशास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट मामला मेरठ में व्यापारियों और प्रशासन के बीच बड़े टकराव का रूप ले सकता है। व्यापारियों का तर्क है कि यदि यह समस्या वर्षों से थी, तो अब अचानक कार्रवाई क्यों की जा रही है? वहीं, प्रशासन का कहना है कि वे न्यायालय के आदेश का पालन करने के लिए बाध्य हैं।अब देखना यह होगा कि व्यापारियों और प्रशासन के बीच इस मुद्दे का समाधान बातचीत से निकलता है या फिर इसे लेकर टकराव बढ़ता है।
