रिपोर्ट लोकेश कुमार
सावधान ! कही आप भी तो नहीं खा रहे बासी मिठाई: मेरठ। हर साल त्यौहार पर मिलावटी व बासी मिठाई कई बार पकड़े जाने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई होती नहीं दिखती. आलम ये होता है कि मजबूरी में लोग या तो ब्रांडेड दुकानों से दोगुने दामों में मिठाई खरीदते हैं या तो मिलावटी मिठाई का शिकार होते हैं.. त्योहारों पर मिलावटी मिठाइयों और खोए का बाजार भी गर्म हो जाता है. कुछ बड़ी मिठाई की दुकानों को अगर छोड़ दें तो कहीं पर भी पूरी तरह शुद्ध खोए की मिठाई मिले इसकी गारंटी कोई नहीं ले सकता. खास कर होली के मौके पर मेरठ शहर की कुछ दुकानों में मिलावटखोरी का बाजार जोरों पर रहता है. होली अब नजदीक है। यह
ऐसा त्योहार है जिसमें मिठाई की खपत सबसे ज्यादा मानी जाती है। इसका फायदा उठाकर कुछ दुकानदार बासी व फुई लगी मिठाई भी ग्राहकों क़ो मिला जुलाकर बेच देते हैँ जिसका जीता जगता सबूत हरिया लस्सी शास्त्री नगर सेक्टर 3 की दुकान पर दिखा जहाँ एक ग्राहक 15 किलो मिठाई ले गया और उसमे कुछ मिठाई खाने से कुछ व्यक्ति बीमार भी हो गए! ऊँची दुकान फीका पकवान : कुछ दुकाने देखने मे हीं ऊँची हैँ लेकिन उनकी मिठाईया बिल्कुल बे स्वाद होती हैँ! जैसी शास्त्री नगर सेक्टर तीन की हरिया लस्सी! त्यौहार के टाइम पर चांदी कटने का काम सबसे ज्यादा ऐसे हीं दुकानदारों के यहाँ होता हैँ! मिठाई मे तो मिलावट होती हीं हैँ साथ हीं डिब्बे का वजन भी मिठाई के साथ हीं तोला जाता हैँ!
