**मवाना संवाददाता**मदर्स इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल ने मवाना ब्लॉक में सबसे पहले शुरू की अनूठी पहल, बेसहारा पशुओं तक पहुंचाई जा रहीं रोटियां*मवाना नगर के मेरठ रोड स्थित मदर्स इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल, की ओर से विद्यार्थियों में करुणा, संवेदनशीलता और सेवा भाव विकसित करने के उद्देश्य से अनूठी पहल ‘रोटी की गुल्लक’ शुरू की गई है। विद्यालय का मानना है कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि बच्चों को अच्छे संस्कारों से जोड़कर उन्हें जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक बनाना भी है।‘रोटी की गुल्लक’ की मूल परिकल्पना Aaronya Foundation की संस्थापक डॉ. (श्रीमती) कीर्ति जैन के मार्गदर्शन में विकसित की गई है। मदर्स इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल ने इस पहल को मवाना ब्लॉक में सबसे पहले अपनाते हुए विद्यार्थियों को इससे जोड़ा है। स्थानीय स्तर पर इसके संचालन और विस्तार में डॉ. अनिल शर्मा का महत्वपूर्ण सहयोग मिल रहा है।पहल के तहत विद्यालय के नन्हे-मुन्ने विद्यार्थी अपने घरों से प्रेमपूर्वक रोटियां लाकर निर्धारित स्थान पर जमा करते हैं। डॉ. अनिल शर्मा के तत्वावधान में प्रतिदिन विद्यालय से एक प्रतिनिधि इन रोटियों को एकत्र करता है और उन्हें सड़कों पर घूमने वाले बेसहारा एवं बेजुबान पशुओं तक पहुंचाता है। इस माध्यम से बच्चों को जरूरतमंद जीवों के प्रति दया और सेवा का भाव रखने की प्रेरणा दी जा रही है।विद्यालय की निदेशक श्रीमती सरबजीत घुम्मन ने कहा कि गौशालाओं और घरों में रहने वाले पशुओं की किसी न किसी रूप में देखभाल हो जाती है, लेकिन सड़कों पर भटकने वाले बेसहारा जीवों की सुध लेने वाला कोई नहीं होता। उन्होंने कहा कि बच्चों को यह सिखाना जरूरी है कि ईश्वर की बनाई हर जीवित प्राणी के प्रति दया और करुणा रखना ही सच्ची मानवता है।विद्यालय परिवार ने इस पुनीत पहल के लिए डॉ. कीर्ति जैन और डॉ. अनिल शर्मा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ‘रोटी की गुल्लक’ विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ मानवीय मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ने का सार्थक प्रयास है।
