मेरठ में भू-माफिया हरेंद्र के हौसले बुलंद! गढ़ रोड के दतावली मोड़ पर अवैध कॉलोनी विकसित करने का आरोप, एमडीए की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

दतावली–किनानगर मार्ग पर कई अवैध कॉलोनियां काटे जाने का दावा, बिना स्वीकृत मानचित्र प्लॉट बेचकर लोगों को गुमराह करने के आरोप

मेरठ। गढ़ रोड स्थित दतावली मोड़ से गोकलपुर और किनानगर की ओर जाने वाले मार्ग पर कथित अवैध कच्ची कॉलोनियों को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि हरेंद्र नाम का व्यक्ति क्षेत्र में बिना स्वीकृत मानचित्र और आवश्यक अनुमति के कॉलोनियां विकसित कर रहा है। स्थानीय स्तर पर दावा किया जा रहा है कि इस क्षेत्र में आधा दर्जन से अधिक कच्ची कॉलोनियां विकसित की जा चुकी हैं। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।

सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचने की आशंका

आरोप है कि संबंधित कॉलोनियों में भूखंडों की बिक्री बड़े स्तर पर की जा रही है। जमीन के दाम लगभग 70 हजार से एक लाख रुपये प्रति वर्ग गज तक बताए जा रहे हैं। यदि कॉलोनियां बिना जरूरी स्वीकृति के विकसित की जा रही हैं, तो इससे नियोजन नियमों के उल्लंघन के साथ सरकारी राजस्व को भी नुकसान पहुंचने की आशंका है। मामले में जमीन के स्वामित्व, नक्शे की स्वीकृति और संबंधित करों की जांच जरूरी है।

एमडीए की निगरानी पर सवाल

लगातार कॉलोनियां विकसित किए जाने के आरोपों के बीच मेरठ विकास प्राधिकरण (एमडीए) की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर यह आरोप लगाया जा रहा है कि कार्रवाई के अभाव में कॉलोनाइजरों के हौसले बुलंद हैं। हालांकि, एमडीए अधिकारियों की मिलीभगत या संरक्षण के संबंध में फिलहाल कोई प्रमाण सामने नहीं है। इस पहलू की निष्पक्ष जांच की आवश्यकता है।

भोले-भाले खरीदारों की जिंदगीभर की कमाई दांव पर

अवैध कॉलोनियों में भूखंड खरीदने वाले लोगों के सामने भविष्य में गंभीर समस्याएं खड़ी हो सकती हैं। यदि जमीन पर आवश्यक स्वीकृतियां नहीं हैं, तो निर्माण अनुमति, बिजली-पानी की सुविधाओं और कानूनी विवादों का सामना करना पड़ सकता है। बाद में प्राधिकरण की ओर से ध्वस्तीकरण या अन्य कार्रवाई होने पर खरीदारों की जिंदगीभर की कमाई भी जोखिम में पड़ सकती है।

ऐसे में प्लॉट खरीदने से पहले लोगों को जमीन के स्वामित्व संबंधी दस्तावेज, स्वीकृत लेआउट, संबंधित प्राधिकरण की अनुमति और अन्य जरूरी अभिलेखों की जांच अवश्य करनी चाहिए।

जांच कराकर कार्रवाई की उठी मांग

मामले में संबंधित अधिकारियों से मांग की जाती है कि दतावली मोड़, गोकलपुर और किनानगर मार्ग पर विकसित की जा रही कॉलोनियों का स्थलीय निरीक्षण कराया जाए। जिन कॉलोनियों में नियमों का उल्लंघन पाया जाए, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही भूखंडों की बिक्री, स्वीकृत मानचित्र, जमीन के राजस्व अभिलेख और सरकारी राजस्व को संभावित नुकसान की जांच कराई जाए।

यदि जांच में किसी अधिकारी या कॉलोनाइजर की मिलीभगत अथवा लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।

मवाना टाइम्स की नजर इस मामले पर बनी हुई है। संबंधित दस्तावेजों, आधिकारिक पक्ष और जांच से जुड़े तथ्यों के आधार पर मामले का आगे खुलासा किया जाएगा, ताकि आम जनता को संभावित धोखाधड़ी से बचाया जा सके और जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय हो सके।

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