▪️कानून व्यवस्था के दृष्टिगत परिक्षेत्र के जनपदो में *06 अपर पुलिस अधीक्षक, 22 सीओ, 86 निरीक्षक, 631 उ0नि0, 1115 मु0आ0, 1265 आरक्षी एवं 705 हो0गार्ड/पीआरडी व 03 कम्पनी पीएसी* की ड्यूटी लगाई गई है। ▪️चैत्र नवरात्री/ रामनवमी के अवसर पर परिक्षेत्र के जनपद मेरठ, बुलन्दशहर, बागपत व हापुड में *96 शोभायात्रा, 35 मेले व 20 अन्य कार्यक्रम(पूजा अर्चना, भण्डारा आदि)* होना प्रस्तावित है। शोभायात्रा के मार्ग में पडने वाले 114 स्थानो को संवेदनशील/ हॉटस्पाट के रूप में चिन्हित किया गया है।▪️परिक्षेत्र के जनपद *मेरठ में 16 शोभायात्रा 11 मेले, बुलन्दशहर में 42 शोभायात्रा 14 मेले, बागपत में 04 शोभायात्रा 03 मेले एवं हापुड में 34 शोभायात्रा 07 मेले* होना प्रस्तावित है। ▪️परिक्षेत्र में कुल *100 स्थानो को संवेदनशील/ हॉटस्पॉट* के रूप में चिन्हित किया गया है, जिसके सुरक्षार्थ कानून व्यवस्था के दृष्टिगत कुल *23 जोन, 79 सैक्टर एवं 56 क्यूआरटी* बनाई गई है।▪️त्यौहार को सकुशल संपन्न कराये जाने हेतु परिक्षेत्र की सभी जनपदीय पुलिस द्वारा पीस कमेटी/ धर्मगुरु/ शांति समिति/ संभ्रान्त व्यक्तियो के साथ *122* अन्य विभाग जैसे नगर निगम, स्वास्थ्य, विद्युत आदि के साथ *108* एवं आयोजको/ संयोजको के साथ *111 गोष्ठीयाँ* आयोजित कर ली गई है इस वर्ष दिनांक 19.03.2026 से चैत्र नवरात्र प्रारम्भ हो रहे हैं तथा दिनांक 26.03.2026 को दुर्गा अष्टमी व 27.03.2026 को राम नवमी पर्व मनाया जायेगा । नवरात्र में मंदिरो/ पंडालो आदि में पूजा-अर्चना की जाती है तथा रामनवमी पर्व पर भारी संख्या में शोभायात्रा/ मेलो का आयोजन किया जाता है । त्यौहारों को सकुशल सम्पन्न कराये जाने हेतु *डीआईजी रेंज मेरठ श्री कलानिधि नैथानी* द्वारा कानून एवं व्यवस्था के दृष्टिगत परिक्षेत्र के सभी जनपद प्रभारियों को निम्नांकित निर्देश दिए गए है:-➡️ रमजान माह के दौरान ही नवरात्र प्रारम्भ हो रहे है ऐसे मे मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों मे समुचित पुलिस प्रबन्ध कर सतर्क दृष्टि रखी जाए एवं नवरात्र तथा ईद के आयोजन व कार्यक्रम जहां एक स्थान व एक समय पर आयोजित होना हो वहां आयोजकों से वार्ता कर पूर्व से योजना बनाकर समुचित पुलिस प्रबन्ध किये जाए ।➡️ समस्त जनपदों में पोस्टर पार्टी का गठन कर प्रातः काल समस्त धार्मिक स्थलों की नियमित चेकिंग सुनिश्चित की जाये । ➡️ प्रमुख मन्दिरों/दुर्गा पूजा पण्डालों/मेले को आने एवं जाने वाले मार्गों पर प्रभावी *पैदल गश्त/ रात्रि पिकेट/मोबाईल* की व्यवस्था की जाए ।➡️ मन्दिर/पण्डालों/ मेलों में *एण्टीरोमियों स्क्वाड* को भ्रमणशील रखा जाए।➡️ शोभायात्राओं के मार्ग में ढीले/टूटे हुए बिजली के तारों से वाहन/डीजे के छू जाने से दुर्घटना घटित न हो इसका विशेष ध्यान रखा जाए ।➡️ असामाजिक तत्वों/अराजक तत्वों/कट्टर पंथियों द्वारा समाज विरोधी क्रियाकलाप करने वालो पर कड़ी कार्यवाही अमल मे लायी जाए।➡️ स्थानीय अभिसूचना इकाई के अतिरिक्त स्थानीय पुलिस के साथ-साथ अन्य स्रोतों से भी अभिसूचना एकत्र करायी जाये तथा लाभप्रद सूचनाओं पर तत्परतापूर्वक प्रभावी कार्यवाही कराना सुनिश्चित किया जाए।➡️ अफवाहों के फैलाने/सोशल मीडिया/इन्टरनेट पोस्ट पर देवी-देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वालो पर पैनी नजर रखी जाए।➡️ समस्त थाना क्षेत्रों में उक्त त्यौहार के दृष्टिगत TROUBLE SPOTS चिन्हित किये जाएं, जिसकी सूची वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक के पास उपलब्ध होनी चाहिए तथा प्रत्येक TROUBLE SPOTS पर क्षेत्र के उपजिलामजिस्ट्रेट/क्षेत्राधिकारी तथा थाना प्रभारी स्वयं मौके पर जाकर समस्याओं का निदान करायें तथा आवश्यक व्यवस्थायें सुनिश्चित करें ।➡️ पुलिस प्रबंध करते वक्त विगत वर्षों की संवेदनशीलता का आंकलन के साथ-साथ वर्तमान परिवेश की संवेदनशीलता का समावेश भी अवश्य किया जाए तथा पुलिस प्रबंध एवं व्यवस्थापन स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप किया जाए। ➡️ जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक द्वारा महत्वपूर्ण मंदिरों, मेला स्थलों, जुलूस एवं शोभा यात्राओं के मार्गों सहित सभी संवेदनशील स्थानों का संयुक्त भ्रमण किया जाए। जुलूस मार्ग/शोभा यात्रा मार्ग कहीं बाधित हो तो उसका निराकरण कराया जाए ।➡️ जनपद में त्यौहार के सम्बन्ध में यदि कोई विवाद प्रकाश में आया हो तो त्यौहार के पूर्व थाना प्रभारी/ क्षेत्राधिकारी/ अपर पुलिस अधीक्षक एवं आवश्यकतानुसार वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/ पुलिस अधीक्षक द्वारा स्वयं प्रशासनिक अधिकारियों के साथ उन स्थानों का भ्रमण कर दोनों पक्षों के विवाद का समाधान करा लिया जाए एवं तद्नुसार कार्यक्रम में आवश्यक पुलिस प्रबंध सुनिश्चित कर लिया जायें। यदि किसी विवाद का समाधान नहीं होता है तो उस प्रकरण में प्रभावी निरोधात्मक कार्यवाही की जाए।➡️ जुलूसों/शोभायात्राओं के दौरान यातायात व्यवस्था किसी भी दशा में प्रभावित न होने देने की उद्देश्य की पूर्ति के निमित्त इस हेतु यातायात प्लान तैयार कर यातायात पुलिस कर्मियों एवं नागरिक पुलिस की संयुक्त टीमों की आवश्यकतानुसार ड्यूटी लगायी जाए। ➡️ आयोजकों से वार्ता कर सुनिश्चित किया जाये कि यथासम्भव प्रत्येक जुलूस/शोभायात्रा/ कार्यक्रम का सम्पूर्ण रूट व स्थल सीसीटीवी से आच्छादित हो और यदि कैमरे पूर्व से ही लगे हैं तो उनको चैक करा लिया जाये कि यह ठीक काम कर रहे है अथवा नहीं। उक्त त्यौहार के अवसर पर आयोजित सभी शोभायात्राओं कार्यक्रमों आदि के महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थलों की वीडियोग्राफी/फोटोग्राफी करायी जाए। ➡️ जिन मन्दिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ अधिक होती है, वहां भीड़ को नियंत्रण हेतु बैरीकेडिंग की व्यवस्था की जाए। प्रमुख मन्दिरों/पण्डालों के आयोजन स्थलों के आस-पास मांस एवं शराब की दुकानों को चिन्हित कर उनके सम्बन्ध में समीक्षा कर ली जाए और श्रद्धालुओं की भावनाओं को आहत न होने देने के उद्देश्य से नवरात्रि की अवधि में उनको बन्द रखने के सम्बन्ध में जिलाधिकारी के साथ विचार-विमर्श कर लिया जाए।➡️ जनपद में अतिसंवेदनशील/संवेदनशील/मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में पिकेट्स/पैट्रोलिंग की व्यवस्था की जाये। इन क्षेत्रों में पुलिस की लगातार उपस्थिति बनाये रखी जाये। साथ ही जनपद/ सर्किल मुख्यालय पर रिजर्व की व्यवस्था रखी जाये ताकि किसी भी घटना की सूचना मिलते ही यहां पुलिस बल भेजने में विलम्ब न हो सके। यदि अतिरिक्त होमगार्ड की आवश्यकता हो तो अपने जिलाधिकारी के माध्यम से पत्राचार कर प्राप्त कर लिया जाए।
