: उत्तर प्रदेश के संभल जिले में एक बुजुर्ग महिला चमन बेगम की न्याय की लड़ाई ने नया मोड़ ले लिया है। रईस और उसके साथी समीम द्वारा जबरन कब्जा किए गए उनके मकान पर अब प्रशासन की नजर पड़ गई है। चमन बेगम ने बताया कि 82 वर्षीय वे निवासी ग्रामीण क्षेत्र की हैं और उनके दो भाई-बहनों में बड़ी बहन जुलेखा बेगम (पति मुजाहिद अख्तर) का देहांत हो चुका है। बहन के पास लक्खीपुरा गली नंबर 20 में 50 गज का मकान था, जिसे 2015 में इकरारनामा कराया गया था।चमन बेगम ने समीम को 3,000 रुपये मासिक किराए पर रखा था, लेकिन रईस ने साजिश रचकर समीम को पैसे देकर मकान खाली कराया और चाबी हथिया ली। रईस ने बिजली चोरी का झूठा आरोप लगाकर पंचायत में 3 लाख रुपये ऐंठे, फिर 2025 में जाली कागजात बनाकर मकान अपने नाम कराने का दावा किया। चमन बेगम ने कहा, “रईस बदमाश किस्म का आदमी है, जो पहले भी इस मकान पर नजर रखे हुए था। मेरी और बहन की कोई औलाद नहीं है, इसलिए हमारी जिम्मेदारी मेरी है।”पुलिस और प्रशासन के चक्कर काटने के बाद चमन बेगम की त्रासदी ने अब ध्यान खींचा है। स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज होने के बाद अधिकारी जांच शुरू करने की तैयारी में हैं। चमन बेगम ने उम्मीद जताई, “अब न्याय मिलेगा और मेरा हक वापस आएगा।” यह मामला संपत्ति विवादों में महिलाओं की असुरक्षा को उजागर करता है, जहां जाली दस्तावेजों से गरीबों को लूटा जाता है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि सच्चाई सामने लाकर दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
