अमित कम्बोज संवाददाता मवाना।आज शनिवार मवाना नगर में सुहागिन महिलाओं ने करवा चौथ का व्रत रख कर पारंपरिक तरीके से इस पर्व को मनाया। सभी सुहागानों ने सुबह से ही व्रत का संकल्प लिया और दिनभर निर्जला व्रत रखा। शाम को छनंनी मे चांद के दर्शन करके अपने पतियों के दर्शन किए और उसके बाद अपने-अपने पतियों की पूजा अर्चना कर पति के हाथों जल पीकर व्रत खोला। इस दौरान उन्होंने करवा माता, भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान गणेश की पूजा-अर्चना की जाती है । करवा चौथ का पर्व हर साल कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है l जिसमें सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए व्रत रखती हैं। करवा चौथ के दिन सुहागिन महिलाएं सोलह श्रृंगार करती हैं और अपने पति के साथ पूजा-अर्चना करती हैं। वह अपने पति की लंबी आयु और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए प्रार्थना करती हैं। इस पर्व का महत्व इस प्रकार है। सुहागिन महिलाएं अपने सुहाग की सलामती के लिए व्रत रखती हैं और पूजा-अर्चना करती हैं।पारंपरिक महत्व*: करवा चौथ का पर्व पारंपरिक रूप से मनाया जाता है और इसमें कई पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन किया जाता है। करवा चौथ के दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति के साथ खुशी और प्रेम के साथ समय बिताती हैं और अपने रिश्ते को मजबूत बनाने के लिए काम करती हैं। यह पर्व महिलाओं के लिए अपने पति के प्रति प्रेम और समर्पण को दर्शाने का एक अवसर है।
