मेरठ में दूषित खाद्य सामग्री का लगातार पर्दाफाश: फास्ट फूड की दुकानों पर उठे सवाल
मेरठ। शहरवासियों को बार-बार फास्ट फूड में मिल रही गंदगी और कीड़े-मकोड़ों की खबरों ने चिंता में डाल दिया है। पहले हरिया लस्सी, शास्त्रीनगर में फुई लगी मिठाई के नमूनों की जाँच ने हलचल मचाई थी। उसके बाद पेटीज में कीड़े मिलने की खबर सामने आई, और अब बर्गर में कीड़ा मिलने की घटना ने आम जनता की सेहत के प्रति लापरवाही को उजागर कर दिया है।
👉 लगातार मिल रही शिकायतें:
हरिया लस्सी (शास्त्रीनगर) में फुई लगी मिठाई मिलने पर विभाग ने सैंपल लेकर जांच की बात कही थी, लेकिन अब तक उस रिपोर्ट का क्या हुआ, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है।
उसके बाद एक प्रसिद्ध बेकरी की पेटीज में कीड़े मिलने की शिकायत आई, जिस पर भी विभाग ने कोई ठोस कार्रवाई सार्वजनिक नहीं की।
अब ताजा मामला एक बर्गर शॉप का है, जहां ग्राहक को बर्गर में कीड़ा मिला। इससे लोगों में घृणा और डर का माहौल है।
🧐 क्या विभाग कर रहा सिर्फ खानापूर्ति?
स्वास्थ्य विभाग और खाद्य सुरक्षा विभाग पर अब गंभीर सवाल उठने लगे हैं। जनता का आरोप है कि या तो कार्रवाई महज दिखावा है या फिर “सेटिंग के जरिए मामला दबाया जा रहा है।”
🛑 मांग उठ रही है:
जिन दुकानों पर रेडीमेड आइटम स्टॉक करके रखे जाते हैं, वहां नियमित जांच हो।
फूड इंस्पेक्टर्स की टीम अचानक निरीक्षण करें ताकि असलियत सामने आ सके।
दोषी दुकानदारों पर सख्त कार्रवाई हो और उनका लाइसेंस रद्द किया जाए।
रिपोर्ट्स और जांच की सार्वजनिक घोषणा की जाए ताकि जनता को भरोसा हो।
😠 जनता में आक्रोश:
फास्ट फूड खाने वालों में असंतोष फैल गया है। सोशल मीडिया पर लोग ऐसे दुकानों की तस्वीरें और अनुभव साझा कर रहे हैं। कई लोगों ने इस संबंध में नगर स्वास्थ्य अधिकारी और जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी से कार्रवाई की मांग की है।
🗣️ आप भी रहें सावधान:
यदि आप किसी फूड आइटम में गड़बड़ी पाते हैं—
उसका वीडियो या फोटो लें।
बिल साथ हो तो बेहतर।
फ़ूड सेफ्टी पोर्टल या नगर निगम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करें।
यह मामला सिर्फ स्वास्थ्य का नहीं, भरोसे का भी है। समय है कि विभाग गंभीरता दिखाए और खाने को लेकर कोई समझौता न किया जाए।
