योगी के राज में खनन माफिया के आगे शासन प्रशासन ने किया सिलेंडर अपना रहे है गांधी जी के तीन नियम• रात होते ही धरती का सीना चीरकर धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं हाईवे वे डंपर• रात में दौड़ता है धरती का सीना चीरने के लिए योगी का पीला पंजा • एमडीए की शह पर फल फूल रही है अवैध कालोनियां अमित कम्बोज संवाददाता मवानामेरठ जिले में अधिकारियों पर मुख्यमंत्री के आदेशों का कोई असर दिखाई नहीं से रहा है,रात का अंधेरा होते ही हाइवे डंपर सड़कों पर सरेआम फर्राटा भरते नजर आते हैं.एक सूत्र के मुताबिक मवाना तहसील के पीछे बाईपास से डंपरों के माध्यम से अवैध खनन की मिट्टी लेकर फलावदा रोड़ पर बन रही अवैध कालोनी का भराव कर रहे हैं लेकिन इस तरफ किसी अधिकारी द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा है जिससे मवाना क्षेत्र में जमकर अवैध खनन हो रहा है. मवाना तहसील क्षेत्र में अवैध खनन का खेल खनन माफियाओं और प्रशासनिक मशीनरी के सेटिंग गेटिंग से होता है। अवैध खनन के साट गांठ के समक्ष कई ईमानदार अधिकारियों ने तेवर दिखाए लेकिन परिणाम हमेशा विपरीत ही निकला। अवैध खनन के खेल में सिर्फ खनन विभाग ही शामिल नहीं होता है बल्कि इसमें परिवहन, वन, पुलिस विभाग प्रत्यक्ष रूप से जुड़े नजर आते हैं। खनन माफिया व उनके गुर्गो इस कदर हावी रहते हैं कि उनके समक्ष सभी असहाय नजर आते हैं जिस उनके खिलाफ सिर्फ उठाने की कोशिश की को भारी नतीजे जी भुगतने पड़े l तहसील क्षेत्र में बड़े पैमाने पर रात के अंधेरे में मिट्टी का अवैध खनन हो रहा है। जिसे रोकने में प्रशासन नाकाम है। परमिशन के नाम पर राजस्व विभाग को चूना लगाया जा रहा है किसान के खेतों में व नहर किनारे खुलेआम सरकारी मिट्टी का खनन किया जा रहा है। अधिकारियों के संज्ञान में होने के बाद भी चुप्पी साधे हुए बैठे हैं। रात के अंधेरे में क्षेत्र में हो रहे अवैध मिट्टी खनन की शिकायत ग्रामीण कई बार आल्हा अधिकारियों से कर चुके हैं लेकिन हर बार करवाई शुन्य नजर आती है। जिसके चलते खनन माफिया के हौसले बुलंद है। ग्रामीण खनन माफिया की शिकायत कई बार तहसील दिवस में कर चुके हैं। इसके बाद खनन माफिया कुछ दिन के लिए खनन पर रोक लगा देते हैं। लेकिन सेटिंग के खेल के चलते अवैध खनन का खेल फिर शुरू हो जाता है।
