अमित कम्बोज संवाददाता मवाना।
जिला शिक्षा और प्रशिक्षण संस्थान (DIET), मेरठ में 03 अक्टूबर 2025 से 06 अक्टूबर 2025 तक आयोजित तीन दिवसीय डिजिटल लिटरेसी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के तीसरें बैच का प्रशिक्षण सफलतापूर्वक 06 अक्टूबर को संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में जिले के प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों ने बढ़चढ़कर प्रतिभाग किया। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों को आधुनिक डिजिटल तकनीकों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बुनियादी सिद्धांतों से परिचित कराना था, ताकि वे इन्हें अपनी शिक्षण पद्धतियों में प्रभावी ढंग से शामिल कर सकें व स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों हेतु इन माध्यमो का प्रयोग करके उनके अधिगम स्तर में वृद्धि कर सकें। प्रशिक्षण के नोडल अधिकारी गौरव त्यागी (प्रवक्ता डायट) रहे। मास्टर ट्रेनर की भूमिका डॉo अमित सिंह (प्रवक्ता, डायट), श्रीमती विनीता सिवास, श्रीमती शिप्रा विश्नोई और डॉ० प्रेमा आर्या ने निभाई। उन्होंने शिक्षकों को प्रथम दिवस कंप्यूटर के मूलभूत भाग व ऑपरेटिंग सिस्टम, फाइल मैनेजमेंट एंड बेसिक सॉफ्टवेयर, एमएस वर्ड के मूलभूत उपयोग के बारे में जानकारी दी। प्रशिक्षण के द्वितीय दिवस में मास्टर ट्रेनर्स द्वारा डिजिटल साक्षरता जैसे आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस उपकरणों के उपयोग यथा चैट GPT, जैमिनी, परप्लेक्सिटी , क्लोउडे आदि के अतिरिक्त एमएस पावरप्वाइंट का परिचय, एमएस एक्सेल का परिचय, इंटरनेट और ब्राउजिंग ,जीमेल, गूगल फॉर्म ,गूगल मीट आदि के बारे में जानकारी दी। प्रशिक्षण के तृतीय व अंतिम दिवस में शिक्षा में डिजिटल टूल्स का उपयोग, ई-मेल और ऑनलाइन कम्युनिकेशन, साइबर सिक्योरिटी बेसिक्स के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की। सलमान मैराज वरिष्ठ प्रवक्ता ने प्रमाण पत्रों का वितरण करते हुए प्रतिभागियों के प्रयासों की सराहना की और शिक्षा में प्रौद्योगिकी के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों को 21 वीं सदी की चुनौतियों का सामना करने और छात्रों को बेहतर शिक्षा प्रदान करने में सक्षम बनाएंगे इस अवसर पर सलमान मैराज ने प्रशिक्षण की सफलता पर मास्टर ट्रेनर्स को बधाई दी व आगामी प्रशिक्षणों को और अधिक रूचिपूर्ण व सुगम बनाने पर बल दिया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम नई शिक्षा नीति (NEP) 2020 के लक्ष्यों के अनुरूप था, जिसमें शिक्षा में प्रौद्योगिकी के उपयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है। सभी शिक्षकों ने इस प्रशिक्षण को बहुत उपयोगी बताया और उम्मीद जताई कि भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित होते रहेंगे तथा ऐसे प्रशिक्षण से सभी शिक्षक इसी प्रकार लाभान्वित होते रहेंगे।
