आप ने एक ख़बर सुनी होगी की असम की एक लड़की अमेरिकी एडल्ट फ़िल्म इंडस्ट्री जॉइन करने वाली है। एक विवाहित लड़की, जिसे अचानक सोशल मीडिया पर लोग एडल्ट फ़िल्म स्टार कहने लगे। उसकी तस्वीरें वायरल होने लगीं, उस पर अश्लील टिप्पणियाँ की जाने लगीं, और लोग उसके चरित्र पर उंगलियाँ उठाने लगे। लेकिन सच्चाई इससे कहीं ज़्यादा खौफनाक है।उस लड़की की इज़्ज़त को तार-तार करने वाला कोई और नहीं, बल्कि उसका कॉलेज का पुराना साथी निकला जिसका नाम प्रतीम बोऱा है। प्रतीम एक मैकेनिकल इंजीनियर था। उसी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से लड़की की नकली अश्लील तस्वीरें बनाई। Midjourney, OpenArt जैसे टूल्स से उसने झूठी तस्वीरें गढ़ीं। उसने लड़की का फर्जी इंस्टाग्राम और वेबसाइट तक बना डाली। लोगों ने उन झूठी तस्वीरों को सच मान लिया। लड़की की ज़िंदगी बद से बदतर होती चली गई।उसके अपने रिश्ते डगमगाने लगे, समाज में उसे शर्मिंदा होना पड़ा। और इस सबके पीछे सिर्फ़ दो कारण थे, निजी दुश्मनी और पैसे का लालच। प्रतीम बोऱा ने इस पूरे फर्जीवाड़े से लाखों रुपये कमाए।आज पुलिस ने उसे गिरफ़्तार कर लिया है, लेकिन उस लड़की की टूटी आत्मा, उसकी बदनामी, क्या उसका कोई हिसाब होगा?सोचिए, अगर ऐसा किसी आपकी बहन, बेटी या दोस्त के साथ हो जाए, तो कैसा महसूस होगा?AI जैसी ताकतवर तकनीक जब ऐसे बीमार ज़ेहन के हाथों में पड़ती है तो वो इंसान की ज़िंदगी को नर्क बना सकती है। अब समय आ गया है कि ऐसे मामलों को हल्के में नहीं लिया जाए। ज़रूरत है सख्त कानून की, डिजिटल नैतिकता की, और समाज की सजगता की।
