मेरठ विकास प्राधिकरण के जोन सी-1 में भूमाफिया का हौसला: केसरगंज चौकी के सामने जिला पंचायत की सरकारी ग्रीन बेल्ट जमीन पर अवैध दुकानें, सील के बावजूद रंगरोगन और कारोबार शुरू मेरठ। रिपोर्ट लोकेश कुमार मेरठ विकास प्राधिकरण (एमडीए) जोन सी-1 के केसरगंज चौकी के ठीक सामने जिला पंचायत की बहुमूल्य ग्रीन बेल्ट जमीन पर एक कुख्यात भूमाफिया ने रात-दिन निर्माण कराकर अवैध कमर्शियल दुकानें तैयार कर लीं। एमडीए अधिकारियों की लापरवाही के चलते यह निर्माण बिना किसी रुकावट के पूरा हो गया, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स प्रकाशित होते ही प्राधिकरण जागा और दुकानों पर सील लगा दी। आश्चर्यजनक रूप से, सील लगने के बावजूद भूमाफिया ने रातोंरात रंग-रोगन का काम शुरू कर दिया और दुकानों में कपड़ों का कारोबार भी चालू हो गया। सूत्रों ने बताया कि इस भूमाफिया पर लूट, डकैती, रंगदारी समेत दो दर्जन से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पीछे ही जिला पंचायत की सरकारी जमीन पर पर स्कूल भी स्थित है, जो इस सरकारी जमीन पर अवैध रूप से खड़ा किया गया है। इसके बावजूद प्रशासन सोता रहा। योगी सरकार के ‘माफिया की कमर तोड़ने’ के दावों के विपरीत, यहां बुलडोजर की कार्रवाई का नामोनिशान नहीं। सूत्रों के अनुसार, भूमाफिया लोगों को धमकाकर सरकारी जमीनें कब्जाता है, फिर उन्हें रेंट पर देकर मोटी कमाई करता है। जिला पंचायत कार्यालय महज कुछ कदम दूर है, फिर भी अधिकारी चुप्पी साधे हैं।केसरगंज चौकी से मात्र 10 मीटर की दूरी पर यह सब हुआ, जहां सिपाही सोते रहे। सूत्र बताते हैं कि चौकी इंचार्ज को मोटी रकम देकर कब्जा कराया गया। यह महज लापरवाही नहीं, बल्कि संरक्षण की मिलीभगत का मामला लगता है। एमडीए, जिला पंचायत और पुलिस प्रशासन पर सवाल उठ रहे हैं—आखिर किसके इशारे पर ग्रीन बेल्ट में अवैध बाजार फल-फूल रहा है? स्थानीय निवासियों ने उच्चाधिकारियों से तत्काल बुलडोजर कार्रवाई की मांग की है।
