मवाना के स्प्रिंग डेल्स पब्लिक स्कूल मे बैसाखी पर्व पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का किया आयोजन :

मवाना के स्प्रिंग डेल्स पब्लिक स्कूल मे बैसाखी पर्व पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का किया आयोजन :

*मवाना के स्प्रिंग डेल्स पब्लिक स्कूल मे बैसाखी पर्व पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का किया आयोजन* *मवाना संवाददाता**(“देखो है आया बैसाखी का त्योहार,चारों तरफ है छाई फसल की बहार, आओ सब मनाये एक साथ देखो है आया बैसाखी का त्यौहार” “रंग – बिरंगे परिधानों से सुसज्जित लोक नृत्यो की बहार,ढोल की थाप पर धरती हिलाते भांगड़ा व गिद्दा करते गबरू मुटियार ऐसा है बैसाखी का त्योहार”)*आज शनिवार मवाना नगर के मेरठ रोड स्प्रिंग डेल्स पब्लिक स्कूल (मदर विंग) में खुशियों का त्योहार *बैसाखी* अत्यंत हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ स्कूल प्रबंधक मनोज रस्तोगी, प्रबंधिका मीनू रस्तोगी,प्रधानाचार्या प्रमोद राजपूत ने उप प्रधानाचार्य प्रवीण गुप्ता व कोऑर्डिनेटर वर्षा खुराना सहित मां शारदे की विधिवत पूजा अर्चना व माल्यार्पण कर किया। इस पावन पर्व पऱ विविध प्रकार के रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। मिशिका, अवनी, आराध्या, अनविका, आरोही, आराध्या, अनिका, आयत, जैना आदि छात्राओं ने पंजाब के लोक नृत्यो पर अपनी प्रस्तुति देकर पंजाब की संस्कृति को एक अनूठे रूप में सबके समक्ष प्रस्तुत किया व सबकी वाह वाही लूटी। छात्रा मीठी दुबलिश ने भी बैसाखी पर अपने विचार सबके साथ सांझा किए।कोऑर्डिनेटर वर्षा खुराना ने भी सभी को बैसाखी पर्व की बधाई देते हुए बताया कि इस दिन सिक्खों के दसवें गुरु श्री गोविंद सिंह जी ने *खालसा पंथ* की स्थापना की थी।स्कूल प्रबंधक मनोज रस्तोगी व प्रबंधिका मीनू रस्तोगी ने सभी विद्यार्थियों को बैसाखी की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए बैसाखी से जुड़ी जलियांवाला बाग कांड व खालसा पंथ की स्थापना के विषय में विस्तार पूर्वक बताया व सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों की तहे दिल से सराहना की। प्रधानाचार्या प्रमोद राजपूत ने भी सभी को बधाई देते हुए कहा कि सभी त्योहार सौहार्दता का संदेश देते हैं हमें आपसी भेदभाव भुलाकर प्रेमपूर्वक त्यौहार मनाने चाहिए। उप प्रधानाचार्य प्रवीण गुप्ता ने भी सबके समक्ष बैसाखी से संबंधित अपने विचारों को सांझा किया।मंच संचालन अध्यापिका चारू जैन के नेतृत्व में फिजा व पलक ने रोचक व सुचारू रूप से किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में बबीता, रेनू, रविता व अंशु आदि अध्यापिकाओं का विशेष योगदान रहा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *