. हम बात कर रहे हैं मेरठ के साकेत आरटीओ कार्यालय की. आरटीओ ऑफिस साकेत के बाहर बैठे दलालों के बगैर आम आदमी का लाइसेंस बन ही नहीं सकता है. सारा गोरखधंधा आरटीओ ऑफिस के नाक के नीचे चल रहा है अगर आपको गाड़ी चलानी नहीं आती है और लाइसेंस बनवाना है. तो मेरठ साकेत आरटीओ आइए. यहां दलाल को 4500 रुपए का सुविधा शुल्क दीजिए और घर बैठे लाइसेंस लीजिए आप 45,00 रुपए दीजिए ओर लाइसेंस लीजिए यह सुविधा आरटीओ के अधिकारी रिश्वत लेकर दे रहे हैं यह हम नहीं कह रहे हैं यह कह रहे हैं यह तस्वीर जो दलाल के मुंह पर लगे कैमरे बता रही हैं कि बिना रिश्वत काम नहीं होता फोटो कोपी, दो पासपोर्ट साइज फोटो, प्रमाण पत्र और एड्रेस प्रूफ देकर निश्चिंत होकर घर जाइए. बस दो बार आपको आरटीओ ऑफिस के गेट पर साइन करने आना होगा और फिर घर बैठे आपको लर्निंग से लेकर परमानेंट तक का लाइसेंस मिल जाएगा.दलाली में ईमानदारी इतनी है कि यहां के हर दलाल का रेट एकदम फिक्स है. न एक रुपया ज्यादा न एक रुपया कम. एक रेट 4500 रुपया फिक्स.ये अगर आपको गाड़ी भी चलानी नहीं आती तो कोई बात नहीं. एक हजार दीजिए और फस्ट क्लास के ड्राइवर होने का सर्टिफिकेट भी लीजिए जिसमें दलाल का यह भी कहना है की 6 महीने पूर्व अधिकारी का ट्रांसफर हो चुका है अब नया अधिकारी आया है इसलिए अधिकारी को रिश्वत देनी पड़ती हैं।
