अमित कम्बोज संवाददाता मवाना।
आज रविवार मवाना के मिल रोड़ पर स्थित महर्षि वाल्मीकि मंदिर से भगवान वाल्मीकि प्राकट्य दिवस के अवसर पर भव्य शोभायात्रा आरंभ की गई। सर्वप्रथम वाल्मिकी जयंती शोभायात्रा समिति ने सभी अतिथियों व थाना प्रभारी निरीक्षक पूनम जादौन का पटका पहनाकर स्वागत किया। शोभायात्रा का शुभारंभ हस्तिनापुर विधानसभा क्षेत्र से पूर्व विधायक प्रभुदयाल वाल्मीकि, नगर पालिका परिषद के चेयरमैन अखिल कौशिक, भाजपा नेता बिजेंद्र लोहरे, भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के जिलाध्यक्ष विपेंद्र सुधा वाल्मिकी ने सामूहिक रूप से भगवान वाल्मीकि की प्रतिमा को रथ पर सवार कर व फीता काटकर किया। शोभायात्रा मिल रोड़ स्थित वाल्मीकि मंदिर से शुरू होकर बस स्टैंड पुलिस चौकी, सुभाष चौक होते हुए गोल मार्किट, खतौलिया चौक, कल्याण सिंह मौहल्ला वाल्मिकी बस्ती, राजो वाली मस्जिद, पांडव चौक, दयानंद बाजार, सुभाष बाजार, थाना तिराहा होते हुए रामलीला मैदान में समापन हुआ । शोभायात्रा में भगवान गणेश, आदिकवि वाल्मीकि, भगवान राम दरबार, शिव दरबार आदि की झांकियां मौजूद रही। अपने संबोधन में पूर्व विधायक प्रभुदयाल वाल्मीकि ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि आदि कवि रहे हैं उन्होंने ही महाकाव्य रामायण की रचना की थी। रामायण जैसे महाकाव्य का हमारे सनातन धर्म में अलग ही महत्व है रामायण हमें जीवन जीने की शिक्षा प्रदान करती है। साथ ही अधर्म पर किस तरह धर्म ने जीत हासिल की इसका भी पाठ पढ़ाती है l इसके साथ ही युगदृष्टा महाकवि महर्षि वाल्मीकि ने ही मां सीता के दोनों पुत्रों लव और कुश को भी शिक्षा दी थी और अपने आश्रम में ही लवकुश को विभिन्न विद्याओं का भी ज्ञान दिया। महर्षि वाल्मीकि के जीवन से हमें सीख लेनी चाहिए। इस दौरान प्रभुदयाल वाल्मीकि, बिजेंद्र लोहरे, विपेंद्र सुधा वाल्मिकी, नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष अखिल कौशिक, रवि गोला, तीर्थ अरोड़ा, राजेंद्र चौहान, संजय शर्मा, संदीप मावी शेट्टी, अपार गोयल, मनोज पार्चा, शेखर आजाद वाल्मीकि, विकास वाल्मीकि, भरत अरोड़ा, राकेश कुमार आदि मौजूद रहे।
